वायरल

Karwa Chauth 2022: क्‍यों देखती है पत्नी छलनी से पति का चेहरा? पौराणिक कथा में मिल गया इसका जवाब, आप भी जानिए

Renu Sharma
22 Sep 2022 4:39 AM GMT
Karwa Chauth 2022: क्‍यों देखती है पत्नी छलनी से पति का चेहरा? पौराणिक कथा में मिल गया इसका जवाब, आप भी जानिए
x
बरसों से करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं छलनी से पति का चेहरा देखती आ रही है।

बरसों से करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं छलनी से पति का चेहरा देखती आ रही है। क्या आपके मन में कभी ये विचार नहीं आया कि वे ऐसा करती क्यों हैं? जैसा कि सभी जानते है पुराने समय से सुनते भी आए है कि ये व्रत पति की लंबी उम्र और अखंड सौभाग्यवती का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हर साल रखा जाता हैं। इस व्रत में महिलाएं दिनभर निर्जला व्रत के बाद चांद का दीदार करती हैं और फिर व्रत खोलती हैं। आपको बता दें कि ये व्रत पूरे विधि-विधान के साथ किया जाता है। इस व्रत के दौरान महिलाएं अपने पति का चेहरा छलनी से देखती हैं, तो चलिए आज जानते है छलनी से चेहरा देखने का महत्व और इसका क्या है कारण-

छलनी के प्रयोग के पीछे की पौराणिक कथा- करवा चौथ पर छलनी के इस्तेमाल की एक पौराणिक कथा है। प्राचीनकाल में पतिव्रता और बेहद खूबसूरत वीरवती स्त्री रहती थीं। उनके सात भाई थे। जब वीरवती का विवाह हुआ तो उन्होंने भी करवा चौथ का व्रत रखा। लेकिन निर्जला व्रत रखने के कारण उनकी तबीयत खराब होने लगी। जब भाईयों ने ये देखा तो उन्होंने एक तरकीब निकाली और चांद निकलने से पहले ही एक भाई पेड़ पर बैठकर छलनी में दीपकर रखकर बहन से कहने लगा देखो चांद निकल आया है, चांद देखकर अपना व्रत खोल लो औऱ कुछ खा लेना। वीरवती ने जब छलनी के पीछे वाले दीपक को देखा तो उसे ही चांद समझ लिया और अपना व्रत खोल दिया। इस अपशकुन के कारण वीरवती के पति का निधन हो जाता है। जब कुछ समय बाद वीरवती को पूरी सच्चाई का पता चला तो वे बेहद दुखी होती है और पति के मृत शरीर को अपने पास रख कर बैठ जाती है।

इसी तरह एक साल बीत जाता है, और जब करवा चौथ का दिन आता है तो वीरवती फिर एक बार विधि-पूर्वक करवा चौथ का व्रत रखत है। साथ ही सभी नियमों का ध्यानपूर्वक पालन करती है। बस इसी निष्ठा और प्रेम से भरे भाव से मां प्रसन्न हो जाती है और वीरवती के पति को जीवित कर देती है। यही कारण है कि सुहागिन महिलाएं छलनी और दीपक को लेकर उगते चांद को देखती हैं जिससे उनके साथ किसी तरह का छल न हो सके और उनकी पूजा विधि-पूर्वक संपन्न हो सके।

Next Story