युवक की 11 मई को होनी थी शादी, कोरोना की तीसरी लहर के डर से रात में ही लड़की को लेकर आ गया घर, ऐसा अनोखा विवाह नहीं सुना होगा आपने
 

बैरिया की तिलंगही पंचायत में अनोखा मामला सामने आया है। यहां की मुखिया साजिदा बेगम के घर से रविवार को अचानक शादी के गीत सुनाई देने लगे। आसपास के लोग जुटे तो पता चला कि एक युवक-युवती परिणय सूत्र में बंध रहे हैं। इसके बाद ग्रामीण भी इस पुनित कार्य में शामिल हुए।

इसके बाद वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच बेटे विकास व पूजा की शादी संपन्न हुई। परिजनों के साथ ग्रामीणों ने भी नवदंपती को आशीर्वाद दिया। तिलंगही में बिना लग्न हुए इस ब्याह चर्चा जोरों पर है। शादी के बाद विकास अपनी दुल्हन पूजा को साथ लेकर घर चला गया।

जानकारी के मुताबिक, बैरिया पंचायत के वीरा मुखिया के पुत्र विकास कुमार की शादी पूर्वी चंपारण जिले के रामगढ़वा के अधकपरिया गांव निवासी विश्वनाथ मुखिया की पुत्री पूजा कुमारी से तय हुई थी। शादी के लिए 11 मई का दिन निकाला गया था। लड़का-लड़की में फोन पर बातचीत चल रही थी।

इस बीच कोरोना की तीसरी लहर शुरू होने पर दोनों ने विचार किया कि अगर लॉकडाउन लगा तो फिर इस साल शादी नहीं हो पाएगी। यह सोच कर दोनों ने शादी का मन बना लिया। विकास ने बताया कि दोनों ने विचार किया और वह 8 जनवरी की रात पूजा के घर पहुंचा। उसे साथ लेकर आ गया।

पूजा के घर वाले उसकी खोजबीन करने लगे। जब फोन से जानकारी मिली कि पूजा विकास के साथ चली गई है तो घर वालों ने तिलंगही मुखिया से संपर्क किया। मुखिया ने लड़का-लड़की को बुलाया, परिजनों से बात की। जब दोनों परिवार की सहमति मिली तो अपने घर ही पंडित को बुलवाया और विवाह करा दिया।