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Raju Srivastav Love Story: भाई की शादी में शिखा को देखते ही दिल दें बैठे थे कॉमेडी किंग राजू श्रीवास्तव, 12 साल तक किया था हां का इंतजार....

Renu Sharma
22 Sep 2022 6:08 AM GMT
Raju Srivastav Love Story: भाई की शादी में शिखा को देखते ही दिल दें बैठे थे कॉमेडी किंग राजू श्रीवास्तव, 12 साल तक किया था हां का इंतजार....
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राजू श्रीवास्‍तव जिस तरह अपने मस्त अंदाज में रहते थे, उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता था कि राजू ने के प्यार की कहानी का सफर मुश्किल रहा होगा।

Raju Srivastav Love Story: राजू श्रीवास्‍तव जिस तरह अपने मस्त अंदाज में रहते थे, उन्हें देखकर कोई नहीं कह सकता था कि राजू ने के प्यार की कहानी का सफर मुश्किल रहा होगा। जी हां दोस्तो आज भले ही राजू हमारे बीच ना हो लेकिन उनकी यादें तो है, बस इसिलिए आज हम आपको बताने जा रहे है, राजू श्रीवास्तव और उनकी वाइफ की लव स्टोरी के बारे में-

राजू श्रीवास्‍तव की ये प्यार की कहानी वाकई बेहद रोचक और खास है। बता दें कि राजू शादी से पहले अपनी वाइफ शिखा श्री के प्यार में किसी पागल आशिक जैसे थे, और ये प्यार की कहानी साल, दो साल की नहीं बल्कि 12 साल की है। इस दौरान उन्‍हें इंप्रेस करने के लिए राजू ने वो सब कुछ किया, जो प्‍यार में पड़ा एक दीवाना करता है।

बता दें कि शिखा, राजू के दूर की एक रिश्‍तेदार थीं। राजू को पहली नजर में ही उनसे प्‍यार हो गया था, मगर उन्‍हें पाने में राजू को सालों लग गए थे। राजू का प्यार उनके लिए इस कदर था कि वो दिन-ब-दिन मेहनत करते रहे और उनको अपना बना भी लिया था। भले ही इसमें सालों लगे लेकिन कहते है ना प्यार अगर सच्चा हो तो पूरी कायनात उन्हें मिलाने में लग जाती है।

इस प्यार भरे रिश्ते की शुरूआत एक शादी समारोह से हुई थी, राजू ने शिखा को पहली बार अपने भाई की बारात में फतेहपुर में देखा था। बस देखा तो ऐसा देखा कि उनमें ही खो गए और मन ही मन शिखा को जीवन संगिनी बनाने का फैसला कर लिया।

राजू ने इस पर चर्चा करते हुए एक बार बताया भी था कि उन्होंने मालूम किया तो पता चला, शिखा उनकी भाभी की कजिन सिस्टर हैं और इटावा में रहती है। बस फिर तो राजू अपने तिगड़म लगाने लगे, जी हां, फिर राजू शिखा के भाइयों से नजदीकियां बढ़ाने लगे और अक्सर किसी ना किसी बहाने से इटावा के चक्कर लगाने लगे।

फिर जब साल 1982 में राजू ने अपना करियर को बुलंदियों पर ले जानें के लिए सपनों की नगरी मुंबई का रूख किया, लेकिन उनका दिल इटावा में ही खोया रहता था, वो अक्सर वहां चिट्ठियां भेजा करते थे, लेकिन खुलकर अपने दिल की बात कहने की कभी हिम्मत नहीं जुटा सकें।

वहीं जब राजू मुंबई में थे तो उन्हें हमेशा डर रहता था कि कहीं शिखा की शादी कहीं और तय ना हो जाए। वैसे तो कहीं ना कहीं दोनों एक-दूसरे को पसंद करते थे, उन्‍हें यकीन भी था कि शिखा भी उन्‍हें पसंद करती है। इसलिए शिखा अक्सर घर आने वाले रिश्‍तों के लिए किसी ना किसी बहाने से मना कर देती थी।

फिर जब सालों के संघर्ष के बाद राजू ने अपनी अलग पहचान बना लीं तो हिम्‍मत जुटाकर शिखा के घर अपने परिवार वालों को भेजा दिया। जिसके बाद उनके भाई मुंबई आए और रिश्ता पक्का कर दिया, और फिर शादी हो गई। इस तरह 12 साल की बेकरारी के बाद उन्हें शिखा मिल गई।

राजू श्रीवास्‍तव अब हमारे बीच नहीं रहे, लेकिन भला उनकी यादों को कौन मिटा सकता है, वो हमेशा हमारी यादों और दिलों में जिंदा रहेंगे। वहीं उनकी ये प्रेम कहानी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। उनके चलें जाने के बाद अब उनकी पत्‍नी शिखा और दो बच्‍चों अकेले पड़ गए है। भगवान इस मुश्किल घड़ी में उनके परिवार को हिम्मत दें।

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