आईपीएस अफसर को मिलती है इतनी सैलरी, रिटायरमेंट के बाद भी ये सुविधाएं देती है सरकार
 

हर युवा चाहता है कि उसे अच्छी सैलरी वाली सरकारी जॉब मिले। देश में हर साल लाखों छात्र संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा अफसर बनने के लिए देते हैं। यह बात अलग है कि सफलता किसी-किसी को ही मिलती है। यूपीएससी एग्जाम पास करने के बाद ही भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का चयन होता है।

आईपीएस बनना अलग तरह का ही जुनून होता है। इसके लिए भारतीय पुलिस सेवा की परीक्षा क्लीयर करनी होती है। इन अफसरों पर ही कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी होती है। अकसर लोग यह जानना चाहते हैं कि एक आईपीएस अफसर की सैलरी कितनी होती है और उन्हें अन्य क्या-क्या सुविधाएं मिलती हैं।

इन अफसरों को ही एसपी से लेकर डीआईजी, आईजी, डीजीपी के रूप में प्रमोशन मिलता है। देश में कानून को सही तरीके से लागू कराने का काम आईपीएस अधिकारी ही करते हैं। इसके लिए आईपीएस अधिकारियों को कड़ी ट्रेनिंग से गुजरना होता है।

एक आईपीएस अफसर को 7वें वेतन आयोग के अनुसार 56,100 रुपये वेतन मिलता है। इसके अलावा आईपीएस अधिकारियों को महंगाई भत्ता समेत कई अन्य तरह के भत्ते भी दिए जाते हैं। वहीं, अगर कोई अधिकारी डीजीपी के पद पर पहुंच जाता है तो उसको करीब 2 लाख 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन मिलता है।

डीजीपी के पद पर तैनात अधिकारी को सबसे ज्यादा सैलरी मिलती है। आईपीएस अधिकारियों को अलग-अलग पे-बैंड के आधार पर अन्य विशेष सुविधाएं भी मिलती हैं। एक आईपीएस अधिकारी को घर और गाड़ी मिलती है। हालांकि घर का साइज और कार पोस्ट के आधार पर निर्धारित होता है।

इसके अलावा अधिकारियों को पद के अनुसार हाउस हेल्प, सुरक्षा गार्ड, ड्राइवर आदि भी दिए जाते हैं। आईपीएस अधिकारियों को पद के हिसाब से मेडिकल ट्रीटमेंट के अलावा टेलीफोन और बिजली बिल का भी भुगतान सरकार द्वारा किया जाता है।

आईपीएस अधिकारियों को देश से बाहर पढ़ाई के लिए एजुकेशन लिव लेने की भी अनुमति है और जिसका खर्च सरकार द्वारा उठाया जाता है। आईपीएस अधिकारियों को रिटायरमेंट के बाद आजीवन पेंशन भी मिलती है।