एक मंडप में थी दो सगी बहनों की थी शादी, बिजली गुल होने से धोखे से बदल गया एक-दूसरे का दूल्हा ! फिर पंडित ने किया ये काम
 

मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में हुए इस भूल को बाद में फेरे के समय सुधार कर फिर से सही लड़के-लड़की की आपस में शादी कराई गई. 

उज्जैनः गर्मी के मौसम में बिजली की कटौती न सिर्फ इंसान के दैनिक जीवन को प्रभावित करती है बल्कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में बिजली कटौती के कारण एक शख्स की होने वाली दुल्हन ही बदल गई. अंधेरे में शादी की रस्म एक दूसरी लड़की से हो गई जो उसी मंडप में किसी और से शादी करने के लिए बैठी थी. हालांकि बिजली आने के बाद इस भूल को सुधार लिया गया.  

तीन सगी बहनों की एक ही दिन थी शादी 
अंधेरे में मंडप में दुल्हन बदल जाने का ये दिलचस्प मामला उज्जैन के असलाना गांव का है. यहां के रमेश लाल रेलोत की तीन बेटियों की शादी एक ही दिन तय हुई थी. रमेष लाल की बड़ी बेटी कोमल की शादी दिन में हो गई थी, जबकि दो बेटियों निकिता और करिश्मा की शादी रात में होना तय हुई थी. रात में दोनों बेटियों की बारात दंगवाड़ा गांव से आई थी. निकिता का भोला और करिश्मा का गणेश नामक नौजवान से शादी होना था.

इस तरह अंधेरे में बदल गया दूल्हा-दुल्हन 
रिश्तेदारों के मुताबिक, जिस वक्त बारात आई थी, उस वक्त बिजली गुल हो गई थी. हल्की रौशनी में दोनों दूल्हों को दुल्हन के साथ शादी की रस्म अदायगी के लिए एक कमरे में ले जाया गया.  उस कमरे में भी रौशनी को माकूल इंतजाम नहीं था. इसी अंधेरे में पूजा की रस्म के दौरान दोनों दुल्हनें बदल गईं, उन्होंने अपने वाले दूल्हे का हाथ छोड़कर धोखो से एक-दूसरे के दूल्हे का हाथ पकड़कर रस्म अदा किया. इसी बीच जब लाईट आई तो लोग वहां का नजारा देखकर दंग रह गए.  गणेश ने निकिता और भोला ने करिश्मा का हाथ पकड़ रखा था. वहां अफरा-तफरी मच गई कि षादी गलत हो गया.  

पंडित ने सुधारा भूल, फेरे में हुआ विवाह 
हालांकि पंडित ने बताया कि अभी ज्यादा कुछ नहीं बिगड़ा है. शादी की बाकी रस्में अभी बाकी है. इसलिए फेरे के वक्त इस गलती को सुधार कर करिश्मा के गणेश और निकिता के भोला के साथ फेरे कराए गए. इस तरह अंधेरे के कारण हुई गलती को बिजली आने के बाद सुधार लिया गया. इस बीच परिजनों ने बिजली कटौती को लेकर अपने गुस्से का इजहार किया. गौरतलब है कि अभी मध्यप्रदेश में रोजाना पांच घंटे बिजली कटौती जारी है.