अब ट्रांसजेडर महिलाएं भी बन सकेंगी मां, दुनिया के पहले कोख ट्रांसप्लांट की तैयारी में भारतीय डॉक्टर
 

मां बनने का सपना हर महिला का होता है. चाहे वो जन्म से महिला हो या फिर ट्रांसजेंडर महिला ही क्यों न हो. अपनी इच्छा से महिला बनने वाले वो पुरूष महिलाओं जैसी फीलिंग्स तो रखते ही है. शारीरिक बनावट की इच्छा मेडिकल साइंस पूरा कर देता है. लेकिन फिर भी कमी रह जाती थी तो कोख की. जो जल्द ही दूर होने वाली है.

एख भारतीय डॉक्टर ने ट्रांसजेंडर महिलाओँ की इच्छा को समझा और अब उसे पूरा करने की तैयारी में हैं. नई दिल्ली के डॉक्टर नरेंद्र कौशिक दुनिया के सबसे पहले गर्भप्रत्यारोपण सर्दनी करने वाले हैं. जिसके बाद ट्रांसजेडर महिलाएं भी अब गर्भवती हो सकेंगी. वो भी अब अपनी कोख में अपना बच्चा भी पालकर बायोलॉजिकल मां बन सकेंगी.

पुरुष बन सकेंगे पूर्ण महिला, पैदा करेंगे बच्चे

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पुरूष के रूप में जन्म लेकर भी मां बनने की ख्वाहिश रखने वालों के लिए नई दिल्ली के डॉक्टर नरेंद्र कौशिक भगवान साबित हो रहे हैं. डॉ जैन ट्रांसजेंडर महिलाओं के लिए उम्मीद की की ऐसी किरण लेकर आए हैं जिसके बाद उनकी हर ख्वाहिश पूरी हो सकेंगी. वो महिला के तौर पर अधूरी नहीं रहेंगी. सिर्फ फीलिंग्स, विचार, और शारीरिक बदलाव ही नहीं मां बनने का सपना भी पूरा होगा. अब तक सबकुछ पाकर भी ट्रांसजेंडर महिलाएं मां बनने के सुख से वंचित थी. जो अब पूरा होने वाला है गर्भप्रत्यारोपण के जरिए. जिसके बाद आईवीएफ से बच्चा पैदा किया जा सकेगा. जिस तरह से किडनी,हार्ट और अन्य ट्रांसप्लांट किया जाता है. ठीक उसी तरह से गर्भप्रत्यारोपण की प्रक्रिया भी मुमकिन हो सकेगी. ज़रूरत होगी तो डोनर की.

00 फीसदी सफल सर्जरी की गारंटी नहीं, पर कायम है उम्मीद
डोनर के लिए किसी महिला की मृत्यु के बाद या फिर ऐसी महिलाएं जो ट्रांसजेडर पुरूष बनना चाहती हो उनके कोख को किसी ट्रांसजेंडर महिला के शरीर में ट्रांसप्लांट किया जा सकेगा. हालांकि प्रोफेसर साइमन फिशेल ने कहना है कि डेनमार्क में गर्भ प्रत्यारोपण पहले ही एक महिला से दूसरी महिला में किया जा चुका है, लेकिन ट्रांसजेंडर महिला के लिए यह पहला होगा. साथ ही डॉ कौशिक के मुताबिक ये एक उम्मीद है अभी 100 फीसदी इसके सफल होने का दावा नहीं किया जा सकता मगर वो पूरी तरह इस करिश्मे को लेकर आशांवित हैं. एक ट्रांस महिला का गर्भाशय प्रत्यारोपण होने का केवल एक प्रसिद्ध मामला रहा है. लेकिन कई मुश्किलों के बाद कुछ महीने में ही उनकी मृत्यु हो गई थी. डॉक्टर के मुताबिक ट्रांसप्लांट की प्रक्रिया महिला की कोख को सीछे फैलोपियन ट्यूब से नहीं जोड़ सकती इसलिए ऑपरेशन से नैचुरली गर्भवती होना मुमकिन नहीं. इसके लिए IVF का सहारा लेना होगा.