Home Big Breaking अध्यापकों के बीच आपसी गुटबाजी में चले लात-घूसे, ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ दिया ताला

अध्यापकों के बीच आपसी गुटबाजी में चले लात-घूसे, ग्रामीणों ने स्कूल पर जड़ दिया ताला

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Saurabh Verma, Palwal

सोमवार को हथीन क्षेत्र के ग्राम सांपनकी में खुले सरकारी स्कूल के मुख्य द्वार पर ग्रामीणों ने ताला लगा दिया, ताला लगाने का मुख्य कारण आए दिन स्कूल में तैनात अध्यापकों की आपसी गुटबाजी और लड़ाई  झगड़ा बताया गया है।

एक ओर जहां बीजेपी सरकार सरकारी स्कूलों में पढ़ाई व्यवस्था को सुधारने के लिए पुरजोर मेहनत कर रही है। वहीं हथीन क्षेत्र के गांव सापंनकी के सरकारी स्कूलों में तैनात अध्यापकों की आपसी गुटबाजी के चलते आए दिन स्कूल में झगड़ा होता है। जिसके चलते सोमवार को ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगा दिया। बीजेपी सरकार भले ही हरियाणा में प्रशासन व्यवस्था को सुधारने के लिए लाख दावे कर रही है। लेकिन सरकारी स्कूलों में तैनात अध्यापकों को अब सरकार का खौफ खत्म होता नजर आ रहा है।

ताजा मामला हथीन क्षेत्र के ग्राम सापंनकी में खुले सरकारी स्कूल का है। जहां अध्यापकों की आपसी गुटबाजी और रंजिश इतनी बढ़ गई है कि ग्रामीणों ने स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर इसका विरोध जताया। आखिर क्यों सरकारी स्कूल के अध्यापकों में गुटबाजी बनी हुई है। ग्रामीणों की मानें तो अध्यापकों का यह पहला झगड़ा नहीं है। ऐसे झगड़े इस स्कूल के अध्यापकों में सालों से बार-बार होते रहे हैं, और झगड़े में स्कूल के ही अध्यापक काफी चोटिल भी होते रहे हैं। इससे पहले भी अध्यापकों के आपसी झगड़े की शिकायत ग्रामीणों द्वारा विभाग के उच्च अधिकारियों को दी जा चुकी हैं। लेकिन विभागीय अधिकारी भी अध्यापकों से समझौता करवाने तक ही सीमित रह जाते हैं।

ग्रामीणों ने बताया कि अध्यापकों की गुटबाजी इतनी बढ़ गई कि एक बार फिर अध्यापकों  में जमकर लात घुंसे और थप्पड़ चले और ग्रामीणों को स्कूल के मुख्य द्वार पर ताला लगाने पर मजबूर कर दिया। जिसे शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन को अध्यापकों की आपसी गुटबाजी का पता लग सके। अध्यापकों की इस लड़ाई और गुटबाजी में आखिर किस का नुकसान हुआ। ताला लगाने की सूचना मिलते ही ग्रामीण शौकीन, रज्जाक व खंड शिक्षा अधिकारी एनके गर्ग मौके पर पहुंच गए और ग्रामीणों से रूबरू होकर ताला लगाने का कारण पूछा। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल के अध्यापकों में इस तरह झगड़ा होना कोई नई बात नहीं  पहले भी तीन से चार बार आपसी झगड़े स्कूल में तैनात अध्यापकों के बीच हुए हैं और इस बीच स्कूल में पढऩे वाले छात्र छात्राओं की पढ़ाई पर काफी प्रभाव पड़ा है।

इस स्कूल में तैनात अध्यापकों  पर इसका कोई असर नहीं है असर भी कैसे हो उन्हें तो हर महीने सरकार की ओर से मोटा वेतन दिया जा रहा है। और विभाग के अफसर भी  इनके खिलाफ कार्रवाई करने में ढीला रवैया दिखा रहे हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि ग्रामीण क्षेत्र में खासकर हथीन क्षेत्र में अध्यापकों की आपसी मनमानी का शिकार सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले छात्र-छात्राएं हो रहे है। लंबे समय तक विभाग और ग्रामीणों के बीच चली बैठक के दौरान ग्रामीणों ने 4 अध्यापकों के इस स्कूल से तबादला करवाने की शिकायत शिक्षा विभाग के अफसरों को दी।  हथीन खंड शिक्षा अधिकारी एनके गर्ग ने बताया कि चाय साफ करने वाली एक छलनी को लेकर अध्यापकों में झगड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही मौके पर आ गए हैं और ग्रामीणों को आश्वासन देकर ताला खुलवा दिया गया है।  ग्रामीणों की शिकायत जायज है। ग्रामीणों की शिकायत पर संज्ञान लिया जाएगा और उच्च अधिकारियों तक इस शिकायत को पहुंचाया जाएगा जो भी अध्यापक दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।

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