राजनीति

हरियाणा के इस गांव के राजनीतिक रिकॉर्ड जानकर आप हो जाएंगे हैरान

Navdeep Setia
23 Sep 2022 6:41 AM GMT
हरियाणा के इस गांव के राजनीतिक रिकॉर्ड जानकर आप हो जाएंगे हैरान
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यह जो हरियाणा है सीरीज के अंतर्गत आज आपको जानकारी देंगे मोहम्मदपुर रोही गांव के बारे में। मोहम्मदपुर रोही फतेहाबाद जिला के अंतर्गत एक गांव है । यह गांव बहुत खास है भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान के बहावलपुर से आकर चौधरी भजन लाल का परिवार इसी गांव में बसा था।

यह जो हरियाणा है सीरीज के अंतर्गत आज आपको जानकारी देंगे मोहम्मदपुर रोही गांव के बारे में। मोहम्मदपुर रोही फतेहाबाद जिला के अंतर्गत एक गांव है । यह गांव बहुत खास है भारत के विभाजन के बाद पाकिस्तान के बहावलपुर से आकर चौधरी भजन लाल का परिवार इसी गांव में बसा था।

इस गांव को एमपी रोही के नाम से भी जाना जाता है । हालांकि भजनलाल का अपना राजनीतिक कर्म क्षेत्र और अधिकांश जीवन आदमपुर में बीता लेकिन उनका पैतृक गांव मोहम्मदपुर रोही ही है इस गांव से चौधरी भजन लाल परिवार के 5 सदस्य 20 बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य बनने में सफल हुए हैं।

चौधरी भजन लाल तीन बार हरियाणा के मुख्यमंत्री रहे। भजनलाल सबसे पहले अपने गांव के सरपंच चुने गए। इसके बाद भी ब्लॉक समिति के सदस्य के सदस्य भी बने। साल 1968 में चौधरी भजन लाल पहली बार आदमपुर विधानसभा से हरियाणा विधानसभा के सदस्य बने भजन लाल बंसी लाल की सरकार में मंत्री रहे। 1972 में भजनलाल दूसरी बार कांग्रेस की टिकट पर विधायक चुने गए तो 1977 में भजनलाल जनता पार्टी से विधायक निर्वाचित हुए।

1979 में चौधरी भजन लाल ने चौधरी देवीलाल की सरकार गिरा दी और खुद सीएम बन गए। भजनलाल 1982 1991 1996 साल 2,000 2005 और 2008 कुल मिलाकर 9 बार आदमपुर सीट से विधायक रहे। साल 1998 में भजनलाल को केंद्र में मंत्री बना दिया गया ऐसे में आदमपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव हुआ।

इस उपचुनाव के जरिए ही चौधरी भजन लाल ने अपने छोटे बेटे कुलदीप बिश्नोई को राजनीति में लांच किया। कुलदीप बिश्नोई ने 1998 में आदमपुर का उप चुनाव जीता और वे पहली बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य बने। इसके अलावा कुलदीप बिश्नोई साल 2009 2014 और 2019 में भी आदमपुर सीट से विधायक चुने गए थे।

इसी प्रकार से चौधरी भजन लाल ने साल 1993 में कालका विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में अपने बड़े बेटे चंद्र मोहन को सियासत में प्रवेश करवाया। 1993 का उपचुनाव जीतकर चंद्रमोहन विधायक बने। इसके अलावा चंद्रमोहन 1996 साल 2000 और 2005 में भी विधायक चुने गए 2005 से लेकर 2008 तक चंद्रमोहन भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार में उप मुख्यमंत्री भी रहे।

साल 1987 में चौधरी भजन लाल की पत्नी जसमा देवी आदमपुर से विधायक चुनी गई जबकि 2011 के चुनाव में कुलदीप बिश्नोई की पत्नी रेणुका बिश्नोई आदमपुर सीट से विधायक निर्वाचित हुई । इसके अलावा विधानसभा सीट से भी विधायक बनने में सफल रही तो एक तरह से एक गांव से पांच अलग-अलग सदस्य 20 बार हरियाणा विधानसभा के सदस्य बने।

यह अपने आप में एक दिलचस्प तथ्य है सियासत के अलावा अगर मोहम्मदपुर रोही की कुछ और दिलचस्प बातों पर नजर डालें तो करीब 9000 की आबादी वाले मोहम्मदपुर रोही में करीब 1761 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है । 3 जून 2011 को चौधरी भजनलाल का निधन हुआ और उसके बाद उनकी समाधि मोहम्मदपुर रोही गांव में ही बनाई गई।

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