राजनीति

करनाल: वो सीट जहां से पहली बार विधायक बना नेता बन गया मुख्यमंत्री

Navdeep Setia
22 Sep 2022 7:19 AM GMT
करनाल: वो सीट जहां से पहली बार विधायक बना नेता बन गया मुख्यमंत्री
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करनाल: इसे सीएम सिटी भी कहा जाता है। यहां से विधायक मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। पहली बार वे करनाल से साल 2014 में विधायक चुने गए थे। विधायक बनते ही सीधे मुख्यमंत्री बन गए। खास पहलू यह है कि करनाल सीट पर अब तक हुए विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड मनोहर लाल खट्टर के नाम है।


करनाल: इसे सीएम सिटी भी कहा जाता है। यहां से विधायक मनोहर लाल खट्टर हरियाणा के मुख्यमंत्री हैं। पहली बार वे करनाल से साल 2014 में विधायक चुने गए थे। विधायक बनते ही सीधे मुख्यमंत्री बन गए। खास पहलू यह है कि करनाल सीट पर अब तक हुए विधानसभा चुनाव में सबसे अधिक मतों से जीत का रिकॉर्ड मनोहर लाल खट्टर के नाम है।

साल 2014 में मनोहर लाल खट्टर ने रिकॉर्ड 63373 वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। करनाल सीट का इतिहास बेहद रोचक है। 1967 से लेकर 2019 तक करनाल में 13 सामान्य चुनाव हुए हैं। करनाल सीट पर चार बार कमल खिला है तो दो बार भारतीय जनसंघ के विधायक चुने गए हैं। पांच बार यहां से कांग्रेस को जीत मिली है। एक बार जनता पार्टी का विधायक बनने में सफल हुआ।

चुनाव-दर-चुनाव की बात करें तो साल 1967 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनसंघ की टिकट पर रामलाल विधायक चुने गए। रामलाल ने कांग्रेस के लालाराम को 2487 वोटों के अंतर से पराजित किया।

1968 के विधानसभा चुनाव में आजाद उ मीदवार शांति प्रसाद जीत दर्ज करने में सफल रहे। शांति प्रसाद ने करीब 10648 वोट हासिल करते हुए भारतीय जनसंघ के रामलाल को 2363 वोटों के अंतर से पराजित किया।

इसके बाद 1972 में रामलाल भारतीय जनसंघ की टिकट पर दूसरी बार विधायक बनने में सफल हो गए। रामलाल ने इस बार कांग्रेस की शांति देवी को करीब 862 वोटों के अंतर से पराजित किया। जीत के कम अंतर का यह रिकॉर्ड आज भी कायम है। साल 1977 के विधानसभा चुनाव में रामलाल जनता पार्टी से उम्मीदवार थे। उन्होंने कोंग्रेस के रामस्वरूप को करीब 17,933 वोटों के अंतर से पराजित किया और वे तीसरी बार विधायक चुने गए।

1982 में कांग्रेस की टिकट पर शांति देवी विधायक बनने में कामयाब रही। शांति देवी ने तीन बार विधायक रह चुके रामलाल को 12649 वोटों के अंतर से हरा दिया। 1987 में भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार लछमन सिंह ने 5201 वोटों के अंतर से कांग्रेस के जयप्रकाश को हराया।

1991 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर जयप्रकाश पहली बार विधायक बनने में सफल रहे। जयप्रकाश ने भाजपा के चेतन दास को 19687 वोटों के अंतर से पराजित किया। 1996 के चुनाव में भाजपा के शीशनाल मेहता ने कांग्रेस के जयप्रकाश को 8418 वोटों के अंतर से हराया और पहली बार विधानसभा में पहुंचे। साल 2000 के चुनाव में जयप्रकाश आजाद प्रत्याशी रूप में चुनावी मैदान में उतरे और जीत दर्ज की।

इस बार जयप्रकाश ने भाजपा के सतीश कालड़ा को 3733 वोटों के अंतर से पराजित किया। इसी प्रकार से 2005 में कांग्रेस की टिकट पर सुमिता सिंह पहली बार विधायक बनने में सफल रही। सुमिता सिंह ने आजाद उम्मीदवार जयप्रकाश को 33,997 वोटों के अंतर से पराजित किया। 2009 के चुनाव सुमिता सिंह दूसरी बार विधायक बनने में सफल रहीं।

सुमिता सिंह ने हरियाणा जनहित कांगे्रस से चुनाव लड़ रहे जयप्रकाश को 3731 वोटों के अंतर से पराजित किया। 2014 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अप्रत्याशित रूप से मनोहर लाल खट्टर को करनाल सीट से उम्मीदवार बनाया। मनोहर लाल खट्टर ने 82,485 वोट लेते हुए आजाद उ मीदवार जयप्रकाश गुप्ता को 63,773 वोटों से हराया और पहली बार विधायक बनने में सफल रहे। इसके बाद उन्हें हरियाणा का मु यमंत्री बनाया गया। 2019 में मनोहर लाल खट्टर दूसरी बार विधायक बनने में कामयाब हुए और दूसरी बार हरियाणा के मुख्यमंत्री बन गए।

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