सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को बढ़ावा देने के लिए बनाई ‘लकी ड्रॉ’ स्ट्रेटेजी, अब वैक्सीन लगवाने वालों को मिलेगा इनाम
 

केंद्र सरकार ने कोरोना वैक्सीनेशन को लेकर लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए एक स्ट्रेटेजी तैयारी की है। ये स्ट्रेटेजी उन लोगों के लिए तैयार की गई है, जिनको कोरोना वैक्सीन की अभी तक एक भी डोज नहीं लगी है। सरकार ने अपनी रणनीति में उन लोगों को भी शामिल किया है, जिनकों वैक्सीन की पहली डोज मिल चुकी है, लेकिन दूसरी डोज लगना बाकी है।

इसके अलावा, सरकार ने फुली वैक्सीनेटेड लोगों के लिए साप्ताहिक या मासिक लकी ड्रॉ कार्यक्रम की पहल की है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने वर्कप्लेस पर वैक्सीनेशन का आयोजन करने और फुली वैक्सीनेटेड कर्मचारियों को बैज प्रदान करने जैसी अन्य पहलों की भी योजना बनाई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जल्द ही इन पहलों को शुरू करने का सुझाव दिया जा सकता है।

हर घर दस्तक

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कार्यस्थल पर टीकाकरण का आयोजन और पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके कर्मचारियों को बैज प्रदान करने जैसी अन्य पहलों की भी योजना बनाई है। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को जल्द ही इन पहलों को शुरू करने का सुझाव दिया जा सकता है। ऐसे लोगों को 'राजदूत' के रूप में नियुक्त कर सरकार की 'हर घर दस्तक' पहल को बढ़ावा दिया जा सकता है। ये लोग टीके की दोनों खुराक लेने और टीकाकरण कार्यक्रम को पूरा करने के महत्व के बारे में अच्छी सलाह दे सकते हैं।

बैज देने की तैयारी

एक सूत्र ने कहा, 'कार्यस्थल पर टीकाकरण उन लोगों को ध्यान में रखकर आयोजित किया जा सकता है, जिन्होंने अभी टीके की खुराक नहीं ली है। निजी और सरकारी कार्यालयों तथा अन्य कार्यस्थलों पर कर्मचारियों को टीकाकरण संदेश वाले बैज दिए जा सकते हैं। इनमें 'मैं टीकाकरण पूरा करा चुका हूं', 'क्या आप भी पूरी तरह से टीकाकरण करा चुके हैं', जैसे बैज शामिल हैं।'

मासिक लकी ड्रा

सूत्र ने कहा, 'इसके अलावा, टीकाकरण पूरा करा चुके लोगों के लिये साप्ताहिक या मासिक लकी ड्रॉ कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। लकी ड्रॉ के विजेताओं को रसोई का सामान, राशन सामग्री, यात्रा पास, नकद पुरस्कार जैसी चीजें दी जा सकती हैं, ताकि अन्य लोगों को टीकाकरण केंद्र जाने के लिये प्रोत्साहित किया जा सके।' अधिकारियों के अनुसार, भारत में लगभग 82 प्रतिशत पात्र आबादी को टीके की पहली खुराक मिल चुकी है, जबकि लगभग 43 प्रतिशत का टीकाकरण पूरा हो चुका है। वहीं, 12 करोड़ से अधिक लोगों की दूसरी खुराक बाकी है।