अन्य समाचार

सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड, दो भाईयों ने बैंकों को लगाया 34615 करोड़ रुपये का चूना, पढ़ें पूरी खबर

Vikash Kumar
22 Jun 2022 12:10 PM GMT
सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड, दो भाईयों ने बैंकों को लगाया 34615 करोड़ रुपये का चूना, पढ़ें पूरी खबर
x
डीएचएफएल का यह मामला सीबीआई के पास रजिस्टर्ड अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड है. सीबीआई ने हाल ही में पता लगाया कि फ्रॉड में एबीजी शिपयार्ड (ABG Shipyard) को 22,842 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई इस मामले में आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही है, जो मुंबई में 12 जगहों पर स्थित हैं.

सीबीआई (CBI) ने अब तक के सबसे बड़े बैंकिंग फ्रॉड (Biggest Banking Fraud) के मामले में डीएचएफएल के प्रवर्तकों (DHFL Promoters) कपिल वधावन (Kapil Wadhawan) और धीरज वधावन (Dheeraj Wadhawan) के खिलाफ नया केस रजिस्टर किया है. इस मामले में बैंकों के एक समूह को 34,615 करोड़ रुपये का चूना लगाया गया था. बैंकों के इस समूह की अगुवाई यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank Of India) कर रहा था.

12 जगहों पर चल रही तलाशी

डीएचएफएल का यह मामला सीबीआई के पास रजिस्टर्ड अब तक का सबसे बड़ा बैंकिंग फ्रॉड है. सीबीआई ने हाल ही में पता लगाया कि फ्रॉड में एबीजी शिपयार्ड (ABG Shipyard) को 22,842 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई इस मामले में आरोपियों से जुड़े परिसरों की तलाशी ले रही है, जो मुंबई में 12 जगहों पर स्थित हैं. एजेंसी ने दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL), तत्कालीन सीएमडी कपिल वधावन, डाइरेक्टर धीरज वधावन और 6 रियल्टी कंपनियों के खिलाफ आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज किया है. एजेंसी का कहना है इन लोगों ने मिलकर यूनियन बैंक ऑफ इंडिया समेत अन्य बैंकों के साथ फ्रॉड करने के लिए साजिश की.

इस बैंक की शिकायत पर एक्शन

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने उसकी अगुवाई वाले बैंकों के समूह को 40,623.36 करोड़ रुपये का चूना लगाने के लिए डीएचएफल के पुराने प्रबंधन और प्रवर्तकों के खिलाफ सीबीआई से जांच करने की मांग की थी. 40,623.36 करोड़ रुपये का आंकड़ा 30 जुलाई 2020 के आधार पर था. बैंक ने अपनी शिकायत में ऑडिट फर्म केपीएमजी (KPMG) की जांच के नतीजों का भी जिक्र किया था. केपीएमजी ने पाया था कि उक्त मामले में नियमों व प्रावधानों को ताक पर रखा गया, अकाउंट के साथ छेड़छाड़ की गई, गलत आंकड़े सामने रखे गए.

पहले से ही जेल में हैं वधावन बंधु

अधिकारियों ने कहा कि एजेंसी ने बैंक से 11 फरवरी 2022 को मिली शिकायत के आधार पर कार्रवाई की. डीएचएफएल के प्रवर्तक कपिल वधावन और धीरज वधावन पहले से ही जेल में हैं. दोनों को यस बैंक (Yes Bank) के साथ फ्रॉड के मामले में सीबीआई और ईडी (ED) के केस के आधार पर गिरफ्तार किया गया था. दोनों के ऊपर आरोप है कि उन्होंने यस बैंक के को-फाउंडर राणा कपूर के साथ मिलकर यस बैंक के साथ फ्रॉड किया. अभी कपूर भी मुंबई के Taloja जेल में कैद हैं.

Next Story