Bharatmala Project: दिल्ली-कटरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी पर, 120 की स्पीड में फर्राटा भरेंगे वाहन

 
दिल्ली-कटरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी पर, 120 की स्पीड में फर्राटा भरेंगे वाहन

Bharatmala Project: भारत माला प्रोजेक्ट के दिल्ली-कटरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का निर्माण तेजी से चल रहा है। बहादुरगढ़ के गांव निलौठी से शुरू होने वाले दिल्ली-कटरा ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे का पैकेज एक और पैकेज दो का 75 फीसदी काम पूरा होने का दावा किया जा रहा है। 

मार्च 2024 तक इसे खोलने की योजना है। चार महीने में इस पर वाहनों के फर्राटे भरने की उम्मीद जताई जा रही है। इसे मार्च 2024 तक जम्मू और जून 2025 तक कटरा तक पूरा किया जाना है।

फ्लाईओवर पर गार्डर रखने का काम शुरू, केएमपी से मिलेगी एंट्री
कटरा एक्सप्रेस-वे के हर फ्लाईओवर का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। बड़ी-बड़ी मशीनों द्वारा कार्य किया जा रहा है। जल्द ही इस कार्य को भी पूरा कर लिया जाएगा। फिलहाल फ्लाईओवर पर गार्डर रखने का काम तेज गति से हो रहा है। केएमपी पर निलौठी गांव से शुरू होने वाले इस मार्ग पर 8 किलोमीटर दूर हसनगढ़ गांव के पास टोल बूथ बनाए जाएंगे।

इस एक्सप्रेसवे को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने इस तरह से डिजाइन किया है कि इस पर वाहन 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से फर्राटे भर सकेंगे। निलौठी से कटरा तक पहुंचने का समय 40 फीसदी तक कम होकर महज छह घंटे हो जाएगा। 

वर्तमान में दस से ज्यादा घंटे का समय लग रहा है। एक्सप्रेस-वे को चार लेन का बनाया जा रहा है। भविष्य में जरूरत पड़ी तो इसे आठ लेन का किए जाने की योजना भी है। हाइवे एक साइड से दूसरी साइड तक 90 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। दोनों लेन के बीच में 20 मीटर की जगह खाली छोड़ी गई है।

36 किलोमीटर सड़क बनाने में जुटे हैं 600 लोग
केएमपी निलौठी से शुरू होने वाले इस एक्सप्रेस-वे से सोनीपत के रुखी गांव तक 36 किलोमीटर क्षेत्र में हो रहे कार्य में 600 लोग काम कर रहे हैं। इनमें न केवल श्रमिक, मिस्त्री हैं बल्कि कई फील्ड के अधिकारी भी शामिल हैं। अधिकारियों का दावा है कि मार्च 2024 तक इस कार्य को लगभग पूरा कर लिया जाएगा।

विदेशी तर्ज पर मिलेंगी एक्सप्रेस-वे पर सुविधाएं
अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेस-वे पर विदेशों की तर्ज पर एमेनेटिज हब बनाए जाएंगे। जहां खानपान, वाहनों की रिपेयरिंग, पेट्रोल पंप पर सीएनजी और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग के साथ रेस्ट रूम की भी सुविधा होगी। 

आपात सहायता के लिए एक्सप्रेस-वे 24 घंटे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड, ट्रॉमा सेंटर और ट्रैफिक पुलिस की टीमें मौजूद रहेंगी। सोनीपत में तीन जगह इस तरह के एमेनेटीज हब बनाए जा रहे हैं। इनमें पहला रूखी, दूसरा नूरनखेड़ा और तीसरा छावड़ी गांव के पास बनेगा।

39 हजार करोड़ है परियोजना की लागत
कुल 21 पैकेज वाले इस परियोजना के 5 पैकेज का हरियाणा में निर्माण हो रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत 39 हजार करोड़ है, जबकि इसकी कुल लंबाई 670 किलोमीटर की है। 

इसमें से मुख्य एक्सप्रेस-वे 570 किलोमीटर का है जो निलौठी से गुरदासपुर तक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे 397.712 किलोमीटर और गुरदासपुर से कटरा तक ब्राउनफील्ड एक्सप्रेस-वे 122.288 किलोमीटर लंबा होगा। 

नकोदर से अमृतसर तक ग्रीनफील्ड सफर 99 किलोमीटर का होगा। इस एक्सप्रेस-वे के बनने से दिल्ली से कटरा तक जाना आसान हो जाएगा। जिसका सबसे ज्यादा फायदा माता वैष्णो देवी का दर्शन करने वाले श्रद्धालुओं को होगा।

ये होंगे फायदे
120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार, छह घंटे में कटरा पहुंच जाएंगे।
दिल्ली वाया सोनीपत एनएच-44 पर वाहनों का दबाव कम होगा।
चंडीगढ़, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए नया रास्ता मिलेगा।
सोनीपत में पांच जगह पर ग्रीन फील्ड एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी।

अधिकारी के अनुसार
कटरा एक्सप्रेस-वे का निर्माण कार्य युद्ध स्तर से चल रहा है। फ्लाईओवर पर गार्डर रखने का काम शुरू हो गया है। 75 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। जल्द ही इस मार्ग पर वाहन दौड़ने शुरू हो जाएंगे। -मिनी सिंह, उप प्रबंधक, एनएचएआई, दिल्ली।