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‘जाट के ठाठ हुक्का और खाट’ खाट पर सोने से गर्दन, कमर और कूल्हों के दर्द से मिलती है राहत
 

Chopal Tv, Haryana

जाट के ठाठ हुक्का और खाट ये हरियाणवी कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी लेकिन आज इसकी हकीकत हम आपको बता रहे है। हरियाणा का हुक्का तो देश विदेश में भी फेमस है लेकिन खाट के बारे में शायद ज्यादा लोग नहीं जानते। क्योंकि आजकल लोग बेड और गद्दों पर सोना पसंद करते है।

नर्म गद्दो पर सोने की वजह से अक्सर लोगों को कमर, गर्दन और पीठ के दर्द की शिकायत होती है। ये दर्द तनाव और स्ट्रक्चर की समस्या की वजह से भी हो सकती है। लेकिन आप बिना किसी दवाई और ईलाज के आप इन दर्द से छुटकारा पा सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ बेड की जगह खाट पर सोने होगा। 

सुनने में ये सुझाव थोड़ा अजीब लगता है लेकिन इसे काफी आराम मिलता है। हरियाणा में ज्यादातर लोग खाट पर ही सोते है जिसकी वजह से उनको इन सभी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ता है।

बेड पर सोते समय आपका शरीर गलत पॉश्चर में हो जाता है। यह एक नरम गद्दे और ज्यादा फूले हुए तकिये के कारण हो सकता है। इन स्थितियों में सोने से जोड़ों पर दबाव पड़ सकता है। लंबे समय तक ऐसे सोने से यह दर्द और पीड़ा का कारण बनता है।

खाट पर सोना इसे ठीक कर सकता है क्योंकि इस पर आप गद्देदार महसूस नहीं करेंगे और गलत मुद्रा में सोने पर तुरंत सीधे हो जाएंगे। शुरुआत में यह असहज महसूस होगा, लेकिन कुछ दिनों में यह आपके लिए आरामदायक आदत साबित होगी।

आजकल ज्यादातर लोग बैठे बैठे काम करते है जिसकी वजह से उनका पॉश्वर खराब हो जाता है। खाट पर सोना आपकी इन दोनों जरूरतों को पूरा करता है। पतली रस्सियों से बनी खाट आपकी सभी मांसपेशियों को उनकी जरूरत के हिसाब से आराम देती है।

यहीं नहीं खाट पर सोने से आपका ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है। इसके अलावा खाट पर सोने से आप सायटिका के दर्द से भी राहत पा सकते हैं। सायटिका का दर्द एक बुरे सपने जैसा हो सकता है। इसकी वजह से आपको शरीर या नसों पर गलत जगह दबाव पड़ सकता है।

सायटिका एक नस है जो कमर और कूल्हों से होते हुए आपके पैरों की ओर जाती है। माना जाता है कि खाट पर सोने से सायटिका के दर्द में आराम मिलता है। खाट पर सोने से आपकि रीढ़ की हड्डी सीधी रहती है जिससे कमर दर्द के अलावा आको गर्दन और कूल्हों के दर्द से भी छुटकारा मिल सकता है।