इस लड़की ने पहले ही अटेम्प्ट में पास कर ली UPSC परीक्षा, सिर्फ 22 की उम्र में बनी IAS, जानिए सिमी करन की सफलता का राज
 

यूपीएससी एग्जाम को सबसे कठीन परीक्षाओं में से एक माना जाता है और अक्सर कहा जाता है कि इसकी तैयारी के लिए सबकुछ छोड़कर पढ़ाई करनी पड़ती है। हालांकि कुछ स्टूडेंट्स ऐसे भी होते हैं जो इंजीनियरिंग के साथ-साथ यूपीएससी की सिविल सर्विस एग्जाम भी क्लियर कर लेते हैं। ऐसी ही कहानी ओडिशा की रहने वाली सिमी करन की है, जिन्होंने आईआईटी से इंजीनियरिंग के दौरान यूपीएससी एग्जाम की तैयारी की और पहले प्रयास में ही सिविल सर्विस परीक्षा पास कर आईएएस अफसर बन गईं। 

सिमी करन ने यूपीएससी की सिविल सर्विसेज एग्जाम-2019 में ऑल इंडिया में 31वीं रैंक हासिल की. सिमी महज 22 साल की थीं, जब उन्होंने सिविल सर्विस की परीक्षा पास की और आईएएस अफसर बनीं।

छत्तीसगढ़ से की थी शुरुआती पढ़ाई

सिमी करन मूल रूप से ओडिशा की रहने वाली हैं, लेकिन उनका पूरा बचपन छत्तीसगढ़ के भिलाई में बीता। सिमी के पापा डीएन करन भिलाई स्टील प्लांट में काम करते हैं और उनकी मां सुजाता भिलाई के दिल्ली पब्लिक स्कूल में टीचर हैं। उन्होंने 12वीं तक की पढ़ाई भिलाई कि दिल्ली पब्लिक स्कूल से की. सिमी पढ़ाई में हमेशा से अच्छी स्टूडेंट रही और हर क्लास में उनके अच्छे नंबर आते थे। उन्होंने बारहवीं क्लास में 98.4 प्रतिशत नंबर लाकर पूरे स्टेट में टॉप किया था।

12वीं के बाद इंजीनियरिंग

द बेटर इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में सिमी करन की सिविस सर्विस में जाने की कोई योजना नहीं थी और इसलिए उन्होंने 12वीं के बाद आईआईटी का एंट्रेंस दिया। इसके बाद उनका सेलेक्शन आईआईटी बॉम्बे के लिए हुआ और वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने लगीं।

यूपीएससी में कैसे हुआ आकर्षण

इंजीनियरिंग के दौरान इंटर्नशिप के वक्त सिमी करन पास के स्लम एरिया में बच्चों को पढ़ाने गईं तो उनके मन में लोगों की मदद करने का विचार आया। इसके बाद उनके मन में किसी ऐसे क्षेत्र को ज्वॉइन करने का विचार आया, जिसके जरिए अभावग्रस्त लोगों की मदद की जा सके। फिर उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का फैसला किया।

ऐसे की यूपीएससी एग्जाम की तैयारी

सिमी करन ने ग्रेजुएशन के आखिरी साल में यूपीएससी एग्जाम की तैयारी शुरू की और सेल्फ स्टडी करने का फैसला किया। सिमी कहती हैं कि उन्होंने सबसे पहले टॉपर्स के इंटरव्यू देखें और इंटरनेट की सहायता से अपने लिए कितावों की लिस्ट तैयार की। तैयारी के लिए जो स्टैंडर्ड बुक्स आती हैं, उनका चुनाव किया और हमेशा इस बात का ध्यान रखा कि किताबें सीमित रखकर बार-बार रिवीजन करना है। तैयारी के लिए उन्होंने यूपीएससी के सिलेबस को छोटे-छोटे हिस्सों में कनवर्ट कर लिया, ताकि सिलेबस बोझ ना बने। उनका कहना है कि एग्जाम की तैयारी के लिए ज्यादा से ज्यादा रिविजन जरूरी है।

एक ही साल में क्लियर की IIT और UPSC परीक्षा

सिमी करन ने बिना कोचिंग ज्वाइन किए सेल्फ स्टडी कर पहले ही प्रयास में यूपीएससी एग्जाम पास कर लिया। सिमी बताती हैं कि आईआईटी मुंबई से उनका ग्रेजुएशन मई 2019 में खत्म हुआ और जून में यूपीएससी की परीक्षा थी। उनके पास फाइनल तैयारी के लिए बहुत कम समय था, लेकिन कड़ी मेहनत के साथ स्मार्ट तरीके से की गई पढ़ाई काम आई और पहले प्रयास में ही यूपीएससी एग्जाम पास कर लिया।