ब्यूटी विद ब्रेन: महज 23 साल में बन गई थीं IAS Smita Sabharwal, सीएम ऑफिस में सीधी नियुक्ति पाने वाली पहली महिला अफसर
 

Success Story IAS Smita Sabharwal: आईएएस और आईपीएस की जॉब युवाओं को हमेशा से आकर्षित करती रही है। देश में हर लाखों उम्मीदवार इस नौकरी का सपना देख परीक्षा देते हैं, लेकिन कुछ ही इसमें सफल हो पाते हैं। आज हम एक ऐसी महिला आईएएस की बात कर रहे हैं जो महज 23 साल की उम्र में आईएएस बन गई थीं। स्मिता सभरवाल देश की सबसे कम उम्र की महिला आईएएस अधिकारियों में एक हैं।

IAS स्मिता सभरवाल को ‘पीपुल्स ऑफिसर’ के नाम से भी जाना जाता है। एक आईएएस अधिकारी के रूप में उनके किए गए कार्य ने उन्हें ख्याति दिलवाई है। वे एक IAS topper थीं, जिन्होंने वर्ष 2000 में UPSC exam में चौथी रैंक हासिल की थी। 2001 बैच की आईएएस अफसर स्मिता तेलंगाना के मुख्यमंत्री कार्यालय में तैनात होने वाली पहली महिला आईएएस अधिकारी भी हैं।

Smita Sabharwal Born in West Bengal on June 19, 1977, Smita originally hails from Darjeeling. Her father, Colonel PK Das, was an Army officer who was periodically transferred to different places. As such, Smita grew up attending school in many parts of the country, including Secunderabad and Hyderabad.

Success Story IAS Smita Sabharwal 33

After graduating in Commerce from Hyderabad’s St Francis Degree College for Women, Smita (an All-India topper in ICSE Standard XII) was encouraged by her parents to appear for the civil service examination.

स्मिता केवल 23 वर्ष की थीं जब उन्होंने UPSC की परीक्षा पास की थी। वह अब तक वारंगल, विशाखापत्तनम, करीमनगर और चित्तूर जैसी जगहों पर तैनात रही हैं। इन जगहों के स्थानीय लोग आज भी स्मिता को उनके बेहतरीन काम के लिए याद करते हैं। वे पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग की रहने वाली है। स्मिता एक सेवानिवृत्त सेना अधिकारी कर्नल पीके दास और पूरबी दास की बेटी हैं।

अपने पिता की सेना से सेवानिवृत्ति के बाद, वे हैदराबाद में बस गए, और उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एन में पूरी की। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद के सेंट फ्रांसिस से कॉमर्स में ग्रेजुएट की पढ़ाई पूरी की। स्मिता 12वीं कक्षा में आईएससी टॉपर थी और यूपीएससी सिविल परीक्षा में चौथी रैंक हासिल की थी। UPSC परीक्षा में सफलता के बाद, उन्हें एक IAS अधिकारी के रूप में देश की सेवा करने का अवसर मिला। उन्हें अपने काम के लिए कई पुरस्कार मिले हैं लेकिन उन्हें लगता है कि उसका असली इनाम काम में ही है।

Success Story IAS Smita Sabharwal with childrens

उनके पिता का सपना था, जिन्होंने उन्हें स्नातक होने के तुरंत बाद सिविल परीक्षाओं की तैयारी शुरू करने के लिए प्रेरित किया। वाणिज्य स्नातक होने के बावजूद, स्मिता ने मानव विज्ञान और लोक प्रशासन को अपने वैकल्पिक विषय के रूप में चुना। स्मिता प्रतिदिन छह घंटे पढ़ाई करती थी और यह भी सुनिश्चित करती थी कि वह दिन में एक घंटा खेलें। वह करंट अफेयर्स की तैयारी के लिए लिए समाचार पत्रों और पत्रिकाओं से करती थीं।

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स्मिता के पति आईपीएस हैं दार्जिलिंग में जन्‍मी स्मिता सबरवाल कर्नल प्रणब दास की बेटी हैं। स्मिता ने आईपीएस ऑफिसर डॉक्‍टर अकुन सबरवाल से शादी की है, उनके दो बच्‍चे नानक और भुविश हैं। कॉमर्स से ग्रेजुएट स्मिता ने महज 23 साल की उम्र में IAS परीक्षा पास कर ली थी और उन्हें ऑल इंडिया रैंकिंग में चौथा स्थान मिला था।

पहली नियुक्ति चित्तूर जिले में बतौर सब-कलेक्टर हुई स्मिता सभरवाल की पहली नियुक्ति चित्तूर जिले में बतौर सब-कलेक्टर हुई और फिर आंध्र प्रदेश के कई जिलों में एक दशक तक काम करते रहने के बाद उन्हें अप्रैल, 2011 में करीमनगर जिले का डीएम बनाया गया।