Chopal Tv, Sports Desk

तान्‍या भाटिया… भारतीय महिला क्रिकेट टीम की यह खिलाड़ी आज जाना-पहचाना चेहरा है। खेल के साथ ही वह अपनी खूबसूरती से भी कई लोगों का दिल जीत चुकी हैं। दुनिया के शीर्ष विकेटकीपर्स में से एक हैं। 28 नवंबर 1997 को चंडीगढ़ में जन्‍मीं तान्‍या ने काफी कम उम्र से ही क्रिकेट खेलना शुरू कर दिया था।

2018 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्‍यू करने वाली 22 साल की तान्‍या के तो रगों में ही क्रिकेट बसता है। बचपन से ही वो ऐसे माहौल में बड़ी हुई, जहां क्रिकेट के अलावा कुछ नहीं था। तान्‍या के पिता संजय भाटिया सेंट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में काम करते हैं और अखिल भारतीय विश्वविद्यालय स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं।

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यही नहीं इस भारतीय विकेटकीपर बल्‍लेबाज के बड़े भाई ने अंडर 19 क्रिकेट टीम में जगह बनाई थी। तान्‍या जब डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्‍कूल में पढ़ती थी तो उस समय उन्‍होंने युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह से ट्रेनिंग ली थी।

फिटनेस के मामले में सबसे ज्‍यादा अवेयर रहने वाली तान्‍या ने डीएवी एकेडमी के बाद 11 साल की उम्र में ही अंडर 19 स्‍तर पर पंजाब का प्रतिनिधित्‍व किया और ऐसा करने वाली वह सबसे युवा खिलाड़ी थी।

जानवरों से प्‍यार करने वाली तान्‍या 13 साल की उम्र में अंतर राज्‍यीय घरेलू टूर्नामेंट में पंजाब की सीनियर टीम का प्रतिनिधित्‍व करने वाली सबसे युवा खिलाड़ी बनीं। 2015 में इंटर जोन क्रिकेट टूर्नामेंट में नॉर्थ जोन अंडर 19 की कप्‍तान थी। उन्‍होंने 227 रन बनाए और विकेट के पीछे 10 शिकार किए। 16 साल की उम्र में ही इंडिया ए टीम में उनका चयन हुआ और यही से उनका टीम इंडिया का सफर शुरू हुआ।

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने तान्या भाटिया को 2018 में महिला क्रिकेट में पांच ब्रेकआउट सितारों में से एक के रूप में नामित किया।

इससे पहले, भाटिया पूर्व भारतीय क्रिकेटर और युवराज सिंह के पिता योगराज सिंह के अधीन प्रशिक्षित थी, जब वह डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ रहे थी। भाटिया के पिता स्वयं एक क्रिकेट खिलाड़ी थे और उनके चाचा भी। इनका भाई भी अंडर -19 क्रिकेट टीम में शामिल हो चुका है।

अपनी डीएवी अकादमी के दिनों के बाद, वह 11 साल की उम्र में U19 में पंजाब का प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की लड़की बन गई। वह 16 साल की उम्र में जल्द ही राज्य की वरिष्ठ टीम में शामिल हो गई। अंतर-राज्यीय घरेलू टूर्नामेंट में पंजाब की वरिष्ठ टीम के लिए खेलने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बन गयी। 2015 में, उन्होंने गुवाहाटी में अंतर-जोनल क्रिकेट टूर्नामेंट में अंडर -19 उत्तर क्षेत्र की ओर से कप्तानी की।

खेल में 227 रन भी बनाए और 10 स्टम्पिंग भी की। 16 साल की उम्र में इंडिया ए स्क्वाड में शामिल हो गई। वह दो साल के लिए एक पेशेवर मंदी में चली गई जिसने लगभग पूरी तरह से क्रिकेट में उनकी रुचि खो दी। माँ के सहयोग ने अपने सपनों का पीछा करने के लिए प्रेरित किया।


तान्या ने महिला ट्वेंटी 20 अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट (WT20I) की शुरुआत 13 फरवरी 2018 को साउथ अफ्रीका महिला के खिलाफ इंडिया वूमेन के लिए की। तान्या भाटिया राष्ट्रीय टीम का हिस्सा बनने वाली चंडीगढ़ की पहली महिला क्रिकेटर हैं। भाटिया टीम में जर्सी नंबर 28 पहनती हैं। उन्होंने 11 सितंबर 2018 को श्रीलंका के खिलाफ महिला वनडे इंटरनेशनल (WODI) की शुरुआत की।

अक्टूबर 2018 में, उन्हें वेस्टइंडीज में 2018 ICC महिला विश्व ट्वेंटी 20 टूर्नामेंट के लिए भारत के टीम में नामित किया गया था। जनवरी 2020 में, ऑस्ट्रेलिया में 2020 के ICC महिला टी 20 विश्व कप के लिए उन्हें भारत की टीम में नामित किया गया।

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