हरियाणा के अस्पतालों में डेंगू का फ्री होगा इलाज, स्वास्थ्य मंत्री ने कही ये बात
 

हरियाणा में डेंगू के लगातार बढ़ रहे मामलों को देखते हुए राज्य के स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने विभाग के अधिकारियों को अस्पतालों में सभी प्रबंध सुनिश्चित करने को कहा है। डेंगू के अलावा चिकनगुनिया, टाइफाइड व मलेरिया के मरीजों की संख्या भी बढ़ी है। विज ने कहा कि प्रदेश के सभी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों में डेंगू मरीजों का मुफ्त उपचार होगा।

इतना ही नहीं, डेंगू मरीजों को जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट्स भी मुफ्त मुहैया करवाए जाएंगे। अस्पतालों में सभी प्रकार की दवाइयां मुफ्त दी जा रही हैं। पूरे प्रदेश में फॉगिंग का काम जारी है। कोरोना पर विज ने कहा कि महामारी से निपटने के लिए हम पूरी तरह से लगे हैं। पिछले डेढ़ महीने से रोजाना 20 से कम रोगी आ रहे हैं। इससे साफ प्रतीत होता है कि करोना को नियंत्रित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कोविड-19 वैक्सीनेशन पर भी सरकार का पूरा जोर है। अभी तक प्रदेश के 82 प्रतिशत लोगों को कोरोना वैक्सीन की पहली और 47 प्रतिशत लोगों को दूसरी डोज दी जा चुकी है। विज ने कहा, हमने 31 दिसंबर तक राज्य के हर पात्र व्यक्ति को पहली डोज लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। दूसरी डोज लगाने के लिए भी स्वास्थ्य विभाग द्वारा ‘हर-घर दस्तक’ कार्यक्रम चलाया है।

उन्होंने कहा कि हम हर घर पर जा रहे हैं और इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की 2025 टीमें काम कर रही हैं। स्वास्थ्य विभाग की ये टीम हरियाणा के हर घर में जा जाकर वैक्सीनेशन का काम कर रही है। विज ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रत्येक घर में जाएंगी और यदि वहां पर किसी व्यक्ति को पहली डोज नहीं लगी होगी, तो उसे पहली डोज़ लगाई जाएगी और यदि किसी व्यक्ति को दूसरी डोज़ नहीं लगी होगी तो उसे दूसरी डोज़ भी लगाई जाएगी। उन्होंने कहा कि हम कोरोना के विरुद्ध हर हरियाणवी को शीघ्र अति शीघ्र सुरक्षा चक्र प्रदान करना चाहते हैं।

गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि प्रजातंत्र में सभी मुद्दे बातचीत से हल होते हैं और किसानों का मुद्दा भी बातचीत से ही हल होगा। उन्होंने कहा, ये लोग किसान हितैषी नहीं है इनका कुछ और ही एजेंडा है। इसीलिए अज्ञान कारणों से ये लोग बातचीत के लिए आगे नहीं आ रहे। 

केंद्र सरकार किसानों से बार-बार बातचीत करने के लिए निमंत्रण दे रही है और बातचीत करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र तोमर के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है। विज ने कटाक्ष करते हुए कहा कि यह किसान हितेषी नहीं है इनका एजेंडा कुछ और ही है।

स्वास्थ्य मंत्री विज ने कहा ‘मैं तो किसानों को यह कहना चाहूंगा कि अपने नेतृत्व से यह पूछे कि पिछले एक साल से उन्हें घरों से लाकर धरनों पर बैठा रखा है। इसमें कितनी प्रगति हुई। जिस मकसद को लेकर आंदोलन किया जा रहा है उसमें कितनी प्रगति हुई। वैसे तो यह इनका अंदरूनी मामला है, मैं इसमें हस्तक्षेप नहीं करना चाहता। यदि इनका नेतृत्व बातचीत करने में सक्षम नहीं है तो इनको अपना नेतृत्व बदलने और वार्ताकारों को बदलने के बारे में एक बार जरूर सोचना चाहिए। चूंकि हल जो भी निकलेगा वह बातचीत से ही निकलेगा’।