गौशाला के चारे की पूर्ति के लिए ग्रामीणों ने अपनाई ये तरकीब और18 ट्राली तूड़ी कर दी दान

 

जिला कैथल की गौशालाओं के समक्ष आ रही पशु चारे की समस्या के निवारण के लिए कलायत के आदर्श गांव ढूंढवा के लोगों ने अनूठी पहल की है। ग्रामीणों ने गौवंश के संरक्षण के लिए चंदे की भांति घर-घर से सूखा चारा एकत्रित करते हुए 18 ट्राली श्री प्राचीन शिव मंदिर खड़ालवा परिसर में स्थित गौशाला को दान में दी हैं। ग्रामीण संबंधित गौशाला में ही गौवंश को पराश्रय देते आए हैं। इसके मद्देनजर इसके कुशल संचालन को लेकर ढूंढवा गांव के लोग संजीदगी का परिचय देते आए हैं।

इसके मद्देनजर जब जिला उपायुक्त प्रदीप दहिया और जिलेभर में संचालित गौशालाओं के माध्यम से पशुचारे को लेकर की गई अपील का मामला सामने आया तो ग्रामीणों ने तत्काल बैठक बुलाई। सर्व सम्मति से इस विषय पर मंथन करते हुए गौवंश के लिए सूखा चारा एकत्रित करने का निर्णय लिया गया। इस दौरान मुख्य रूप से यह बात सामने आई कि किसान सूखे चारे का भंडारण घर और खेतों में कर चुके हैं।

इस पर घर-घर जाकर सूखा चारा क्षमता अनुसार दान में देने की अपील का सिलसिला शुरू हुआ। बस फिर क्या था देखते हुए देखते बड़ी मात्रा में सूखा चारा एकत्रित हो गया। इसके उपरांत ग्रामीणों ने इस चारे को गौशाला का कोई खर्च करवाए बिना खडालवा पहुंचाने का मिशन शुरू हुआ।

इसके लिए किसानों ने अपने वाहनों को इस दिशा में इस्तेमाल करने का योगदान दिया। जब गांव से ट्रैक्टराें का काफिला खड़ालवा के लिए रवाना हुआ तो हर किसी ने इस मुहिम का अभिनंदन किया। उधर गौशाला संचालकों द्वारा भी ग्रामीणों के सहयोग पर आभार जताया जा रहा है।