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मां की आंखों के सामने इमारत के नीचे समा गए दो प्रशांत और सौम्य, चार मंजिला गिरी थी इमारत
 


दिल्ली के सब्जी मंडी इलाके में चार मंजिला इमारत के गिरने से दो बच्चों समेत तीन लोगों की मौत हो गई। अब मासूम बच्चों की मां ने कैमरे के सामने अपना दर्द बयां किया है। वह कुछ मिनटों के लिए ही बच्चों को बिल्डिंग के पास छोड़कर गई थी।

कोरोना के बाद से लगातार स्कूल बंद चल रहे थे। दोनों भाई सब्जी मंडी में ही ट्यूशन पढ़ने जाते थे। हादसे के समय सोमवार को दोनों ट्यूशन पढ़ने आए थे। ट्यूशन समाप्त होने के बाद उनकी मां आयुषी दोनों को लेकर पैदल ही घर लौट रही थी।

सुबह करीब 11.45 बजे आयुषी हादसे वाली इमारत के सामने पहुंची। उसे परचून की दुकान से कुछ सामान लेना था। वह दोनों बेटों को इमारत के नीचे खड़ा करके खुद सड़क पार कर दुकान की ओर बढ़ गई। 

अभी वह सामान ले ही रही थी कि अचानक इमारत गिरी और आयुषी के सामने ही उसके दोनों बेटे मलबे में समा गए। सूचना मिलते ही आयुषी का पति नितिन भी वहां पहुंच गया। दोनों बच्चों की मौत के बाद परिवार का रोते-रोते बुरा हाल है। 

एक परिजन ने बताया कि दोनों बच्चों को जानवरों से बहुत प्रेम था। रोजाना दोनों मोहल्ले के आवारा कुत्तों को खाने-पीने के लिए देते थे। यहां तक अपनी पॉकेट मनी से उनको दूध भी पिलाते थे।

करीब दो घंटे बाद दोनों बच्चों प्रशांत और सौम्य के शव मलबे से निकाले गए। आयुषी के दो ही बेटे थे। बच्चों की मौत की खबर के बाद से बार-बार आयुषी अपने होश खो रही थी।

एक परिजन ने बताया कि सौम्य और प्रशांत अपने परिवार के साथ सोरा-कोठी, सब्जी मंडी, मेन बाजार रोड पर रहते थे। इनके परिवार में पिता नितिन गुप्ता, मां आयुषी व अन्य सदस्य हैं। नितिन सदर बाजार में एक दुकान पर नौकरी करता है। वहीं सौम्य पास के स्कूल में पांचवी और प्रशांत तीसरी कक्षा का छात्र था।

वहीं, दिल्ली के कैबिनेट मंत्री सत्येंद्र जैन ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में 2 बच्चों की मौत की खबर सामने आई है। ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि वो उनके परिवार को इस दुःख को सहने की शक्ति दे। दिल्ली सरकार ने इस मामले की तत्काल जांच के आदेश दे दिए हैं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।