सावधान- नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से ज्यादा बेरोजगारों से कर चुके 35 लाख की ठगी, तीन गिरफ्त में

 

Chaupal TV, Kaithal

बेरोजगारी की दौर में युवा रोजगार देने के नाम पर आसानी से ठगी के शिकार बन जाते हैं। वो रोजगार के चक्कर में आकर ठगों पर भरोसा कर लेते हैं और फिर ठगी के शिकार हो जाते हैं। हरियाणा पुलिस की स्पेशल साइबर अपराध शाखा की टीम ने ऐसे ही एक ठग गैंग के तीन लोगों को अपनी गिरफ्त में लिया है। ये अब तक करीब 100 बेरोजगार युवाओं को शिकार बनाकर करीब 35 लाख रूपए ठग चुके हैं।

In the era of unemployment, youth easily become victims of fraud in the name of providing employment. In the affair of employment, they trust the thugs and then they become victims of fraud. The team of Special Cyber ​​Crime Branch of Haryana Police has arrested three people of one such thug gang. So far, they have duped about 35 lakh rupees by making about 100 unemployed youth a victim.

इनका गिरोह हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों के बेरोजगार युवाओं को नौकरी और लोन दिलवाने का झांसा देकर नकदी हड़पते हैं। हरियाणा पुलिस की स्पेशल साइबर अपराध शाखा की टीम ने 23 जून की शाम गांव रसूलपुर औरंगाबाद, जिला मेरठ, उत्तर प्रदेश निवासी 24 वर्षीय आसमऊ, 21 वर्षीय सलमान और 21 वर्षीय आवेज को गिरफ्तार कर लिया।

सावधान- नौकरी दिलाने के नाम पर 100 से ज्यादा बेरोजगारों से कर चुके 35 लाख की ठगी, तीन गिरफ्त में

कैथल के एसपी लोकेंद्र सिंह ने बताया कि आरोपित नोएडा सेक्टर-6 में फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। उनके कब्जे से 32 फोन लैपटॉप, फर्जी कंपनी की मोहरें, फर्जी दस्तावेज बरामद हुए हैं। पुलिस ने तीनों का सात दिन का रिमांड हासिल कर आगे की पुछताछ शुरू कर दी है।

पुलिस पुछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सितंबर 2020 से सेक्टर-6 नोएडा में कावेरी बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड, अपोलो बिजनेस सॉल्यूशन और इंटरनेशनल बिजनेस सॉल्यूशन के नाम से फर्जी कॉल सेंटर चला रहे थे। कंपनी मे नौकरी देने के लिए वे ऑनलाइन साइटों से डाटा उठाकर विभिन्न व्यक्तियों को फोन करके ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी हासिल करने के लिए अप्लाई करवाते थे।

जब फोन पर बात करने वाला व्यक्ति आरोपितों के झांसे मे आ जाता था तो वे उसे कंपनी में ज्वाइनिंग करवाकर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर भी मेल या वाट्सएप के माध्यम से ऑनलाइन भेज देते। जब व्यक्ति समझता कि वह नौकरी पर है तो ये आरोपित उक्त व्यक्ति को दस फाइलें ओपन करवाने का टारगेट देते थे। एक फाइल की 4100 रुपये फीस ऑनलाइन हासिल करते थे। पैसे आने के बाद फोन उठाना बंद कर देते थे।

इनके पास लूट का शिकार हुए माता गेट निवासी राकेश कुमार ने सात मई को सिटी थाने में शिकायत दी कि उसने कावेरी बिजनेस सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड देहरादून, उत्तराखंड ऑनलाइन पोर्टल पर नौकरी के लिए आवेदन किया था। कंपनी ने 30 हजार रुपये महिना वेतन देने की बात कही। फिर उसने कंपनी की शर्त के अनुसार दस फाइलें ओपन करवा दीं और हर फाइल के लिए 4100 रुपये ऑनलाइन आरोपितों के पास भेज दिए। उसके बाद भी आरोपितों ने वेतन नहीं दिया और न ही पैसे वापस किए।