हरियाणा में भू-जल निकालने वालों के लिए आया ये आदेश, लेट फीस होगी एक लाख रुपये, अभी करें आवेदन
 

हरियाणा जल संसाधन (संरक्षण, विनियमन और प्रबंधन) प्राधिकरण ने भू-जल के सभी उपयोगकर्ता (छूट प्राप्त श्रेणी को छोड़कर) जो भू-जल निकालते हैं या निकालना चाहते हैं, उन्हें एनओसी के लिए अपने आवेदन 31 जनवरी, 2022 तक ऑनलाइन पोर्टल https://hwra.org.in के माध्यम से जमा करने का निर्देश दिया है। प्राधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार भू-जल के सभी उपयोगकर्ता को एनओसी प्राप्त करना आवश्यक है।

हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण के एक प्रवक्ता ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि प्राधिकरण ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि 31 जनवरी, 2022 के बाद सभी आवेदन 1 लाख रुपये विलंब शुल्क (लेट फीस) के साथ स्वीकृत होंगे। यह टैरिफ सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की तिथी अर्थात 23 दिसंबर, 2020 से सभी आवेदकों, जो पहले से ही भू-जल निकाल रहे हैं, पर लागू होंगे।

राज्य सरकार ने पूरे राज्य में भू-जल विकास और प्रबंधन सहित जल संसाधनों के विनियमन और नियंत्रण के उद्देश्य से हरियाणा जल संसाधन प्राधिकरण का गठन किया है।

प्राधिकरण ने 18 अगस्त, 2020, 30 सितंबर, 2021 और 1 नवंबर, 2021 और 10 दिसम्बर, 2021 के अपने सार्वजनिक नोटिस के माध्यम से उद्योग, खनन, अवसंरचना क्षेत्रों सहित विभिन्न परियोजनाओं के लिए भू-जल निकालने हेतु 22 दिसंबर, 2021 तक प्राधिकरण से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) की अनुमति प्राप्त करने के लिए निर्देश जारी किए थे।