Sapna Choudhary पर लटकी गिरफ्तारी की तलवार, कोर्ट ने खारिज की गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने की मांग
 

Chopal Tv, Haryana

हरियाणा की फेमस सिंगर और डांसर सपना चौधरी की मुश्किलें कम होने के नाम नहीं ले रही। सपना चौधरी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने की मांग वाली अर्जी को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। जिसके बाद सपना चौधरी पर गिरफ्तारी की तलवार लटकती नजर आ रही है।

दरअसल सपना चौधरी की ओर से उनके वकील ने अर्जी दाखिल की थी कि जिसमें सपना के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने की मांग की गई थी। लेकिन कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि हाईकोर्ट ने सपना चौधरी को स्वंय उपस्थित होकर अर्जी दाखिल करने का निर्देश दिया है।

सपना चौधरी के स्थान पर उनके वकील उपस्थित होकर कोई अर्जी दाखिल नहीं कर सकते हैं। सपना चौधरी के खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने का कोई औचित्य नहीं है। लिहाजा अर्जी खारिज की जाती है। अब मामले की अगली सुनवाई 20 दिसंबर को होगी।

जानें पूरा मामला

जानकारी के अनुसार 13 अक्टूबर, 2018 को स्मृति उपवन में दोपहर तीन बजे से रात 10 बजे तक सपना और कई अन्य कलाकारों का प्रोग्राम होना था। इसके लिए तीन सौ रुपए में ऑनलाइन व ऑफलाइन टिकट बेचा गया था। सपना को देखने के लिए हजारों लोगों की उमड़ गई थी।

लेकिन रात के 10 बजे तक सपना चौधरी प्रोग्राम में नहीं पहुंची। जिसकी वजह से लोगों हंगामा करना शुरु कर दिया। सभी लोगों ने अपने पैसा वापस करने की मांग की। जिसके बाद 14 अक्टूबर, 2018 को सपना चौधरी के खिलाफ एसआई फिरोज खान ने थाना आशियाना में एफआईआर दर्ज कराई थी।

एफआईआर में कार्यक्रम के आयोजक जुनैद अहमद, नवीन शर्मा, पहल इंस्टीट्यूट के इवाद अली, अमित पांडेय व रत्नाकर उपाध्याय के साथ ही सपना चौधरी को भी नामजद किया गया था। 20 जनवरी, 2019 को इस मामले में जुनैद अहमद, इवाद अली, अमित पांडेय व रत्नाकर उपाध्याय के खिलाफ आईपीसी की धारा 406 व 420 में आरोप पत्र दाखिल हुआ था।

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एक मई, 2019 को सपना चौधरी के खिलाफ भी इन्हीं धाराओं में आरोप पत्र दाखिल हुआ। जिस पर संज्ञान लिया जा चुका है। चार सितंबर, 2021 को अदालत ने इस मामले में सपना चौधरी की डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी।

जिसके बाद अदालत ने सपना चौधरी के हाजिर नहीं होने पर उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था। जिसके बाद सपना सपना चौधरी के वकील ने उनके खिलाफ जारी गिरफ्तारी वारंट निरस्त करने की मांग की थी जो फिर से खारिज कर दी गई।