Chopaltv.com
ऐलनाबाद में गुरुद्वारे से बीजेपी उम्मीदवार को बाहर निकालने का मामला गर्माया, अजय चौटाला और किसान नेताओं ने कही ये बात
 

हरियाणा के ऐलनाबाद में उपचुनाव को लेकर अब चुनावी माहौल तैयार हो गया है। यहां पर 30 अक्टूबर को चुनाव होना है। सभी प्रत्याशी अब दंगल में आ चुके हैं। सभी राजनेता अब चुनाव प्रचार में जुट गए हैं।

ऐलनाबाद में भाजपा के प्रत्याशी और समर्थकों को किसानों के विरोध का सामना भी करना पड़ रहा है। शनिवार को ऐलनाबाद के गुरुद्वारा से भाजपा प्रत्याशी गोबिंद कांडा और समर्थकों को बाहर धक्के मारकर बाहर निकालने का मुद्दा भी गरमा गया है।

जननायक जनता पार्टी के संरक्षक डॉ. अजय सिंह चौटाला ने शनिवार देर शाम ऐलनाबाद के गुरुद्वारा से गठबंधन के उम्मीदवार और उनके समर्थकों को धक्का देकर बाहर निकाले जाने की घटना की निंदा की है। 

Ajay Singh Chautala Ellenabad Election

इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर चौटाला ने कहा कि प्रजातन्त्र में विरोध करना सबका अधिकार है लेकिन कल जिस तरह से गोबिंद कांडा और उसके समर्थकों को गुरुद्वारा से बाहर निकाला गया वो समय और सीमा को लांघना न तो किसानों के लिये अच्छा है और न ही धक्का देने वालों के लिये। 

उन्होंने कहा कि इस तरह तो वो खुद भी कही मंदिर या गुरुद्वारा में जाते हैं और किसान इसी तरह बदतमीजी करेंगे तो उन्हें उसी तरह से जवाब दिया जाएगा।

वहीं दूसरी तरफ मंडी डबवाली में पहुंचे किसान नेताओं ने भी इस प्रकार से किसी को धक्के मारकर बाहर निकालना गलत बताया है। ऐलनाबाद उपचुनाव में जिस प्रकार किसान भाजपा, जेजेपी व हलोपा नेताओं का विरोध किया जा रहा हैं, उससे संयुक्त किसान मोर्चा उसे सही नहीं मानता।

gurnam chaduni

भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी ने तो अपने ग्रुप की बैठक बुलाकर हिदायतें जारी करने की बात कही है। बलवीर सिंह राजेवाल ने कहा कि चुनाव से संयुक्त किसान मोर्चे का कोई वास्ता नहीं है। वे आंदोलन में लगे हुए है। दोनों नेता रविवार को डबवाली में पत्रकारों के सवालों का जवाब दे रहे थे। 

उन्होंने कहा आंदोलन उग्र हुआ तो हम हार जाएंगे। कोई भी आंदोलन हिंसा के कारण खत्म हो जाता है। चढूनी ने कहा कि ऐलनाबाद उपचुनाव के मामले में संयुक्त किसान मोर्चा ने कोई फैसला नहीं लिया है, न ही मोर्चा ने कोई उम्मीदवार खड़ा किया है। 

चढूनी ने फिर दोहराया कि अभय सिंह को इस्तीफा नहीं देना चाहिए था। क्योंकि जो लड़ाई आदमी अंदर बैठकर लड़ सकता है, वो बाहर नहीं लड़ सकता है। लड़ाई अच्छी थी, वहां पर हमारे लिए बहस करता और लड़ता वो ज्यादा बेहतर था। उन्होंने कहा कि भाजपा-जेजेपी का विरोध करेंगे। मतदाताओं से कहेंगे कि वोट न दें।