Sirsa Loksabha Seat: हिसार में जेपी को हार का डर, सैलजा का भी फंसा चुनाव, गुप्त मीटिंगों ने बढ़ाई टेंशन

हरियाणा की दसों लोकसभा सीटों पर 25 मई को चुनाव होना है। वोटिंग के लिए अब सिर्फ एक सप्ताह का समय बचा है, इसी बीच कांग्रेस में खेला हो गया है।
 
Sirsa Loksabha Seat: हिसार में जेपी को हार का डर, सैलजा का भी फंसा चुनाव, गुप्त मीटिंगों ने बढ़ाई टेंशन
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Sirsa Loksabha Seat: हरियाणा की दसों लोकसभा सीटों पर 25 मई को चुनाव होना है। वोटिंग के लिए अब सिर्फ एक सप्ताह का समय बचा है, इसी बीच कांग्रेस में खेला हो गया है। हिसार में हुड्डा गुट के प्रत्याशी जेपी उर्फ जयप्रकाश ने हथियार डाल दिये हैं।

हिसार में हुड्डा गुट के प्रत्याशी जेपी को हार का डर सताने लगा है। इसलिए उन्होंने अपने घुटने चौधरी बीरेंद्र सिंह के सामने टेक दिये हैं। लेकिन अब देर हो चुकी है। बीरेंद्र सिंह के वर्करों ने जेपी को कुछ भी भाव नहीं दिया उलटा लगे हाथ खरी खरी सुना भी दी।

जेपी के चुनावी हार के बाद सिरसा में भी गुप्त मीटिंगों ने सैलजा की टेंशन बढ़ा दी है। हुड्डा गुट के नेताओं की आज सुबह से कई स्थानों पर हुई गुप्त मीटिंगों ने सैलजा के चेहरे में चिंता की लकीरें खींच दी है।

दरअसल सिरसा में सैलजा के आने के बाद कांग्रेस के SRKB गुट के नेताओं ने ही प्रचार किया है। हुड्डा गुट के किसी भी बड़े नेता ने यहां पर प्रचार नहीं किया है और नामांकन के दौरान भी नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष ने भी कन्नी काट ली थी।

इसका असर हिसार में देखने को मिला। हिसार में हुड्डा गुट के जेपी को हार का डर सताने लगा है। हिसार की उकलाना सीट पर कुमारी सैलजा का काफी प्रभाव है। वो इस सीट पर चुनाव लड़कर मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं, लेकिन अब जेपी के चुनाव में उन्होंने एक भी बार जाकर जेपी के लिए वोट की अपील नहीं की है।

वहीं उचाना में चौधरी बीरेंद्र सिंह के भी अंदाज बदले हुए हैं। शुरुआती दौर में बीरेंद्र सिंह ने कहा था कि अगर जेपी उनके पास आते हैं तो वो चुनाव प्रचार में जुट जाएंगे। लेकिन पहले जेपी को लग रहा था कि चौधरी बीरेंद्र सिंह के बिना ही वो चुनाव जीत जाएंगे और अहसान लेने की कोई आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन अब जेपी को जब हार का डर सताया तो वो बीरेंद्र सिंह के दर पर घुटने टेक गए लेकिन बीरेंद्र समर्थकों ने समर्थन तो नहीं दिया लेकिन खरी खोटी जरुर सुना दी।

इधर अब सिरसा लोकसभा सीट पर आज सुबह से इसका असर दिखाई देने लगा है। हुड्डा गुट के कई नेताओं ने आज कई इलाकों में गुप्त मीटिंगें की है। सूत्रों के मुताबिक सैलजा के लिए अब हुड्डा गुट ने मास्टर प्लान तैयार कर दिया है और सैलजा की नैया भी अब फंसती हुई नजर आ रही है।

सिरसा लोकसभा की 9 विधानसभा सीटों पर सर्वे के मुताबिक छह सीटों पर बीजेपी मजबूत स्थिति में दिखाई दे रही है। वहीं तीन सीटों पर बीजेपी को काफी नुकसान हो रहा है। शहरी वोटरों में बीजेपी को लेकर काफी उत्साह है वहीं ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस की पकड़ मजबूत है लेकिन बीजेपी वहां पर भी टक्कर दे रही है और ज्यादा बड़ा वोट बैंक कांग्रेस की तरफ शिफ्ट नहीं होने दे रही है।

इस बार इनेलो की स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है। इनेलो के वोटर भी पार्टी से दूर होते जा रहे हैं वहीं इनेलो के वोटरों को अब तक कोई साफ इशारा नहीं मिला है जिसके चलते ग्रामीण इलाकों में इनेलो का ग्राफ काफी नीचे गिरता जा रहा है और इनेलो प्रत्याशी संदीप लोट को ज्यादा रुझान मिलता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है। 

अगर कांग्रेस के हुड्डा गुट के नेताओं की तल्खी अगर बढ़ती है तो वो सैलजा का चुनाव आने वाले दो दिनों में बहुत बुरी तरह से फंस सकता है। सिरसा लोकसभा में हुड्डा गुट के नेता काफी प्रभावी हैं और सभी 9 सीटों पर हुड्डा गुट के नेताओं की जबरदस्त पकड़ है।