हरियाणा की MBBS छात्रा ने चंडीगढ़ हॉस्टल में की आत्महत्या, 2 पन्नों का सुसाइड नोट छोड़ा, लिखा- I am Sorry मम्मी -पापा...

चंडीगढ़ में मेडिकल कॉलेज-32 में सोमवार रात को एक एमबीबीएस छात्रा ने फंदा लगाकर सुसाइड कर ली। जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस को छात्रा के पास 2 पन्नों का एक सुसाइड नोट भी मिला है।
छात्रा ने सुसाइड नोट में लिखा- मैं सभी से माफी मांगना चाहती हूं। मम्मी, पापा और दीदी मैं खुद को एडजस्ट नहीं कर पा रही हूं। मेरा दिमाग मुझे खाए जा रहे हैं। मैं लंबे समय तक इसे झेल नहीं सकती। इसके लिए मैं आप सभी से माफी मांगती हूं।
हरियाणा की रहने वाली
मृतका की पहचान जगाधरी निवासी श्रुति त्यागी के रूप में हुई है। वह सेक्टर-32 मेडिकल कालेज के हॉस्टल नंबर-4 में रहती थी। मृतका के पिता करीब 15 साल से दुबई में नौकरी कर रहे हैं। उसकी माता गृहणी हैं, जो दुबई में ही रहती हैं।
श्रुति की एक बड़ी बहन नेहा पुणे, महाराष्ट्र के एक निजी अस्पताल में बतौर डॉक्टर कार्यरत है। इसके चाचा यहां जगाधरी में रहते हैं। उनके साथ ही श्रुति रहती थी।
कमरे में पड़ी मिली लाश
हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं ने बताया कि सोमवार को श्रुति किसी का फोन नहीं उठा रही थी तो हमने उसके कमरे में जाकर देखा। वहां का दृश्य देखकर वे एकदम चौंक गई। श्रुति बेहोशी की हालत में जमीन पर पड़ी हुई थी। उसके गले में रस्सी का टुकड़ा था और आधा टुकड़ा पंखे पर लटका हुआ था।
इसकी सूचना उन्होंने GMCH प्रशासन को दी। तब घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, छात्रा के परिजनों को भी सूचना दे दी है। आज छात्रा के शव का पोस्टमॉर्टम किया जाएगा।
हॉस्टल की छात्राओं में खौफ का माहौल
हॉस्टल की एक छात्रा ने बताया कि जब उसने अपने सहेलियों के साथ श्रुति का शव कमरे में देखा तो पूरे हॉस्टल में दहशत फैल गई। इसके बाद सभी छात्राएं इसके बारे में अपने परिजनों से बात करने लगीं। सूचना यह है कि कई छात्राओं के परिजन कल अपने बच्चों से मिलने हॉस्टल आ रहे हैं। क्योंकि, कुछ छात्राएं इतनी घबराई हुई हैं कि वह अब इस हॉस्टल में नहीं रहना चाहतीं।
अस्पताल प्रशासन ने बढ़ाई सुरक्षा
घटना की सूचना मिलते ही अस्पताल प्रशासन की ओर से हॉस्टर में रहने वाली अन्य छात्राओं से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया है। वहीं, हॉस्टल नंबर 1 से 4 की तरफ जाने वाले रास्ते पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहां हॉस्टल के सुरक्षाकर्मी तैनात कर दिए गए हैं।
अभी वहां किसी को जाने की अनुमति नहीं है। वहीं, अस्पताल प्रशासन की तरफ से हॉस्टल वार्डन को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि हॉस्टल में रहने वाली अन्य छात्राओं की हर बात को सुना जाए, ताकि उन्हें किसी प्रकार का कोई डर महसूस न हो।