HPSC भर्ती फर्जीवाड़ा मामला: विजिलेंस कोर्ट में पेश में हुए तीनों आरोपी, SIT को लगी फटकार
 

रियाणा लोक सेवा आयोग भर्ती फर्जीवाड़ा मामले में विजिलेंस ने आरोपियों तीनों HCS अनिल नागर, नवीन और अश्विनी को विजिलेंस कोर्ट में पेश किया। HCS अनिल नागर की 4 दिन की विजिलेंस की रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद उसे आज पेश किया गया। वहीं आरोपी अश्विनी और नवीन को कोर्ट ने 22 नवंबर को 1 दिन की रिमांड पर भेजा था। उसकी अवधि भी आज खत्म हो गई। जिसके बाद तीनों आरोपियों को आज पंचकूला के सेक्टर 1 स्थित हरियाणा की विशेष विजिलेंस कोर्ट में पेश किया गया।


HPSC recruitment fraud case

विजिलेंस कोर्ट ने SIT को फटकारा 
जानकारी के मुताबिक विजिलेंस कोर्ट ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो की SIT टीम को फटकार लगाई। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी HCS अनिल नागर को रोहतक ले जाने के दस्तावेज पेश नहीं करने पर SIT हेड को फटकार लगाई। साथ ही बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग नरवाना ने भी रिमांड के दस्तावेजों की की मांग। जिसपर विजिलेंस कोर्ट ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को बचाव पक्ष के वकील विशाल गर्ग नरवाना को दस्तावेज सौंपने के आदेश दिए।

HPSC SCAM

ये है पूरा मामला 

बता दें. हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) के एक उप-सचिव और दो अन्य को डेंटल सर्जन भर्ती परीक्षा में शामिल हुए उम्मीदवारों के अंकों में हेराफेरी करने के आरोप में बीते गुरुवार गिरफ्तार किया था।17 नवंबर को इस मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद छापेमारी की गई और भिवानी जिले के नवीन कुमार को 20 लाख रुपये नकद लेते रंगे हाथों पकड़ा गया। इतना ही नहीं, उसके कबूलनामे और जांच के दौरान मिले अन्य सबूतों के आधार पर, सतर्कता अधिकारियों ने झज्जर जिले के निवासी अश्विनी शर्मा को गिरफ्तार किया और उसके घर की तलाशी लेने पर 1.07 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की थी।