Haryana News: हरियाणा में 8000 करोड़ की परियोजनाओं को लगे पंख, देखें कहां-कहां क्या क्या हुआ ?

हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि प्रदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की 13 विभागों की  8076.93 करोड़ रुपये की लागत वाली 21 परियोजनाओं का काम समय पर चल रहा है। 
 
Haryana News: हरियाणा में 8000 करोड़ की परियोजनाओं को लगे पंख, देखें कहां-कहां क्या क्या हुआ ?

हरियाणा के मुख्य सचिव संजीव कौशल ने बताया कि प्रदेश में 100 करोड़ रुपये से अधिक की 13 विभागों की  8076.93 करोड़ रुपये की लागत वाली 21 परियोजनाओं का काम समय पर चल रहा है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग की 455.14 करोड़ रुपये की लागत वाली तीन परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

मुख्य सचिव आज प्रदेश में चल रही 100 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।  

मुख्य सचिव ने कहा कि परियोजनाएं निर्धारित समय पर चल रही हैं, उनमें शहरी स्थानीय निकाय क्षेत्र की पांच, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग की लोक निर्माण (बी एंड आर) और वास्तुकला की चार  और कृषि को समर्पित दो परियोजनाएं शामिल हैं। किसान कल्याण, पशुपालन और डेयरी, उद्योग और वाणिज्य, सिंचाई और जल संसाधन, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान,  स्वास्थ्य इंजीनियरिंग  की एक एक परियोजना भी शामिल है। 

यूएलबी की अमृत योजना के तहत पानीपत में जलापूर्ति योजना का विस्तार, पानीपत में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों में सीवरेज प्रणाली और पलवल में नागरिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की कमी वाले क्षेत्रों में सीवरेज प्रणाली सहित तीन परियोजनाएं पूरी हो चुकी हैं।

मुख्य सचिव श्री संजीव कौशल ने कहा कि नोडल अधिकारी विकास परियोजनाओं के पूरा होने की समयावधि और उन्हें अपडेट करना सुनिश्चित करें ताकि उनकी आसानी से मॉनिटरिंग की जा सके।

मुख्य सचिव ने गृह, सहकारिता, कृषि एवं किसान कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, मेडिकल एजुकेशन एवं रिसर्च, सिविल एविएशन, पशुपालन एवं डेयरी, एनर्जी, उद्योग एवं वाणिज्य, जनस्वास्थ्य, लोक निर्माण एवं पुरातत्व, सिंचाई एवं जल संसाधन, शहारी स्थानीय निकाय, नगर एवं आयोजन सहित 14 विभागों की 54836.39 करोड़ रुपए की 82 विकास परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

मुख्य सचिव ने कहा कि हैफेड द्वारा रोहतक के मेगा फूड पार्क में सेंट्रल प्रोसेसिंग यूनिट लगाने का कार्य अंतिम चरण में है। इसके अलावा फूड पार्क में औद्योगिक प्लॉटों की बिक्री और तीन प्राइमरी प्रोसेसिंग सेंटर लगाने का कार्य किया जा रहा है। इस पार्क में हॉर्टिकल्चर प्लांट भी लगाने बारे विचार किया जा रहा है ताकि नागरिकों को बागवानी से संबंधित लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि राज्य के 501 पुलिस स्टेशनों में सीसीटीवी कैमरे लगाने का अधिकांश कार्य पूरा कर लिया गया है, अब इनकी चैकिंग का कार्य चल रहा है।

मुख्य सचिव ने 140 करोड़ रुपए की लागत से पिंजोर में बनाई जा रही सेब, फल एवं सब्जी मण्डी का निर्माण कार्य तेजी से किया जा रहा है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मण्डी गन्नौर के निर्माण तथा महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय करनाल के कैम्पस निर्माण बारे भी विस्तार से समीक्षा की। श्री कृष्णा आयुष विश्वविद्यालय तथा दीन दयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय कुटेल में स्थापना शाखा बनाने का कार्य पूरा कर दिया गया है। इनमें उपकरण एवं फर्नीचर लगाने का कार्य 31 दिसम्बर तक पूरा लिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भिवानी में मेडिकल कॉलेज बनाने का कार्य अंतिम चरण में है। इसमें अगले सत्र के दौरान कक्षाएं लगाई जाएगी। इसके अलावा राज्य के 6 स्थानों पर राजकीय नर्सिंग कॉलेज बनाने का कार्य भी किया जा रहा है। इनमें से रेवाड़ी, फरीदाबाद, पिंजोर में नर्सिंग कॉलेज जल्द ही पूरे कर लिए जाएगेें तथा कैथल व कुरूक्षेत्र में अगले साल पूरे होंगे। बैठक में मेडिकल कॉलेज जीन्द तथा कोरियावास बारे भी विस्तार से जानकारी ली और इनके कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।  

मुख्य सचिव ने हिसार में बनने वाले स्वर्ण जयंती इंटीग्रेटेड एविएशन हब बनाने बारे भी आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने लाला लाजपत राय विश्वविद्यालय हिसार के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा। इसके अलावा स्मार्ट सिटी गुरूग्राम में 11 केवी फीडर एवं स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। इसके लिए औपचारिकताएं पूरी कर जल्द कार्यवाही अमल में लाएं ताकि सभी बिजली उपभोक्ताओं को इनका लाभ मिल सके।

मुख्य सचिव ने आईएमटी, सोहना, इण्डस्ट्रियल इस्टेट बरवाला के फेज-2, औद्योगिक वैश्विक सिटी गुरूग्राम के प्रथम चरण, इंटीग्रेटिड मल्टीमॉडल लोजिस्टिक हब प्रोजेक्ट नांगल चौधरी, आईएमटी खरखोदा, इलेक्ट्रोनिक मैन्यूफैक्चरिंग कलस्टर सोहना सहित कई विकास परियोजनाओं की विस्तार से समीक्षा की और इनमें आवश्यक कार्य बारे जानकारी ली।

मुख्य सचिव ने बाढड़ा विधानसभा क्षेत्र में 35 गांवों को पेयजल उपलब्ध करवाने  तथा नूहं जिले के 52 गांवों और 5 ढाणियों में पेयजल उपलब्ध करवाने के लिए बनाई जा रही पेयजल योजना तथा महेन्द्रगढ के गांव भालखी की पेयजल योजना को निर्धारित समय अवधि में पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने नोएडा से गुरूग्राम से वाया फरीदाबाद सड़क मार्ग, पश्चिमी फरीदाबाद को पूर्वी फरीदाबाद से जोड़ने वाले दो लिंक रोड़, फरीदाबाद से ग्रेटर नोयडा सड़क मार्ग तथा यमुना नदी पर पुल का निर्माण, पिंजोर बाईपास को एनएच-21 से जोड़ने वाले सड़क मार्ग, एनएच-9 से एनएच-52 तक हिसार जिले में मिर्जापुर चार मार्गीय लेन सहित कई सड़क परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की।

मुख्य सचिव ने वार मैमोरियल अम्बाला, वार मैमोरियल स्टेडियम अम्बाला के विस्तार, नये न्यायिक कॉम्पलेक्स गुरूग्राम, फरीदाबाद में बनने वाले 200 बिस्तारों वाले अस्पताल, सिविल होस्पीटल पंचकूला के एमसीएच ब्लॉक, गुरूग्राम में बनने वाले श्री शीतला माता मेडिकल कॉलेज एवं खेड़की माजरा होस्पीटल के अलावा कई स्वास्थ्य परियोजनाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। इसके अलावा सिंचाई परियोजनाओं, सिवरेज ट्रीटमेंट परियोजाओं, जल निकासी हेतू ड्रेनेज एवं अमृत योजना के तहत क्रियान्वित योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की।

बैठक में पावर यूटिलिटी के चेयरमैन श्री पी के दास, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री सुधीर राजपाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आनन्द मोहन शरण, अतिरिक्त मुख्य सचिव वी राजाशेखर वुंडरू, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री वी उमाशंकर, प्रधान सचिव श्री विजेन्द्र कुमार सहित विभिन्न विभागों के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।