देशी और विदेशी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से पर्यटकों को मंत्र मुग्ध किया

 
देशी और विदेशी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से पर्यटकों को मंत्र मुग्ध किया

37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में कलाकार दे रहे हैं एक से एक प्रस्तुतियां

दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का अभिनन्दन किया  

सूरजकुंड मेले में चारों ओर उत्साह और उल्लास का माहौल

चंडीगढ़, 7 फरवरी - हरियाणा के फरीदाबाद में चल रहे 37वें सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला में आज देशी - विदेशी कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्र मुग्ध कर दिया। इससे मेले में लगातार उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। दर्शकों ने कलाकारों और प्रतिभाओं का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया। प्रदेश के प्रसिद्ध हास्य कलाकार महेंद्र सिंह ने दर्शकों को अपने हास्य व्यंग से गुदगुदाया। छोटी चौपाल में राजस्थान के कलाकारों ने प्रसिद्ध चक्री लोक नृत्य से सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आगाज़ किया।

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कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को अपने देश प्रदेश की समृद्ध संस्कृति से रूबरू करवाया। माले के विदेशी कलाकारों ने बेमिसाल नृत्य प्रस्तुत किया और अपने हैरतअंगेज करतबों से दर्शकों की खूब वाहवाही लूटी। इन कलाकारों ने बिजली एवं पंछी नाम के लोक - गीतों पर शानदार नृत्य पेश किया। हरियाणा के पड़ोसी प्रदेश पंजाब के कलाकारों ने अपनी समृद्ध संस्कृति की झलक बिखेरते हुए दमदार रंगीला नृत्य भांगड़ा प्रस्तुत किया।

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दक्षिण भारत के राज्य आंध्र प्रदेश के कलाकारों ने लंबाड़ी नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य महिलाओं द्वारा फसल बुआई तथा फसल कटाई के अवसर पर खुशी और उल्लास व्यक्त करने के लिए किया जाता है। इस नृत्य में महिलाएं पारंपरिक आभूषण पहनकर नृत्य करती हैं।
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हरियाणा के कलाकारों ने तीज - त्यौहार के उपलक्ष्य में किए जाने वाले नृत्य की शानदार प्रस्तुति से दर्शकों की तालियां बटोरी। कलाकारों ने 'सामण की रुत आई - सब झूमे लोग - लुगाई' और 'झूलण ज्यांगी हे मा मेरी बाग में री' गीतों पर शानदार नृत्य की प्रस्तुति दी। 

इसी तरह दिन भर देशी - विदेशी कलाकारों ने शिल्प मेले में पहुंचे पर्यटकों का सम्पूर्ण मनोरंजन किया और सूरजकुंड मेले में उत्साह एवं उल्लास का माहौल बनाए रखा।