Chopaltv.com
हरियाणा के गांवों में रिश्तों को लेकर सीएम खट्टर का बयान, बोले- अब लड़कियां पूछती है 24 घंटे बिजली आती है क्या ?
 

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने सोमवार को चंडीगढ़ प्रेस क्लब में सरकार के 2500 दिन पूरे होने पर अपनी उपलब्धियां गिनवाई। इस दौरान सीएम मनोहर लाल ने सरकार की योजनाओं की जानकारी दी वहीं वहीं विपक्ष पर भी जमकर हमला बोला।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा में बिजली का हर साल पहले चुनावी मुद्दा होता था, बिजली के करंट से सरकारें बनती और गिरती थी, पहले धारणा होती थी कि जो डरता है वो बिजली का बिल भरता है, लेकिन अब यह धारणा बदल गई है।

उन्होंने बताया कि युवा पीढी में अब बहुत बदलाव देखा जा रहा है। अब लोग खुद ऑनलाइन बिल भर रहे हैं। समय पर बिल भरकर लोग अलग अलग स्कीमों का फायदा उठा रहे हैं।

सीएम ने कहा कि आज रिश्तों से पहले लड़कियां पूछती है कि गांव में 24 घंटे बिजली आती है क्या, अगर नहीं तो रिश्ता भी नहीं, शादी तो दूर की बात है। लडकियां साफ तौर पर लड़कों को कह रही है कि गांव में दिन रात बिजली आती होगी तभी शादी करेंगी। पहले 24 घंटे बिजली लाओ फिर रिश्ते की बात करना।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गांवों में आए बदलाव के ये किस्से सोमवार को साझा किए। चंडीगढ़ में उन्होंने बताया कि बीते दिनों वह टोक्यो ओलंपिक के पदक विजेता रवि दहिया के गांव नाहरी गए थे। 

कार्यक्रम में एकत्रित भीड़ से उन्होंने पूछा कि गांव में बिजली आती है, तो सभी चुप हो गए। उन्हें समझते देर नहीं लगी कि बिजली बिल नहीं भरते होंगे, इसलिए बिजली नहीं आती। उन्होंने पूछा बिजली चाहिए, ग्रामीणों ने कहा हां, चाहिए। 

इस पर उन्होंने कहा कि बिजली बिल भरोगे। उन्होंने हां में जवाब दिया। इस पर उनसे पूछा कि कितना बकाया बाकी है। ग्रामीणों ने कहा कि 20 लाख रुपये तो जुर्माना ही है। इस पर उन्होंने तुरंत घोषणा कर दी कि जुर्माना माफ, मूल बिजली समान किश्तें बनाकर भर दें। इसके लिए वे राजी हो गए। 

सीएम ने कहा कि बिजली बिल भरना शुरू करें, 24 घंटे बिजली वह दिलाएंगे। प्रदेश में पूर्व सरकारों के समय बिजली बिल भरने का चलन नहीं था। इससे बिजली वितरण निगम 27 हजार करोड़ के घाटे में चले गए। नेता भी ग्रामीणों को बिजली बिल न भरने के लिए प्रोत्साहित करते थे। अब म्हारा गांव जगमग गांव योजना के तहत 6700 गांवों में से 5550 गांवों को चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति हो रही है। ऐसा पंजाब, राजस्थान जैसे पड़ोसी राज्यों में भी नहीं है। 

READ THIS – सरकारी प्राइवेट और डीसी रेट नौकरियां आपके घर के पास-  CLICK HERE