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हरियाणा में इस उपचुनाव पर लगी रोक, हाईकोर्ट ने आखिरी वक्त आया फैसला
 

धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन पद के उप चुनाव के बीच प्रचार के आखिरी दिन हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट ने कंवर सिंह के सर्टिफिकेट को योग्य करार दे दिया हैं। इसके साथ ही चुनाव पर भी रोक लग गई है।  

हरियाणा राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा रेवाड़ी जिला की नगर पालिका, धारूहेड़ा के प्रधान पद के लिए 12 सितंबर को होने वाले उपचुनाव की अधिसूचना रद्द कर दी है।

जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त यशेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयुक्त श्री धनपत सिंह के आदेशानुसार जिन उम्मीदवारों ने उपचुनाव के लिए जमानत राशि के साथ नामांकन दाखिल किया था उन सभी की जमानत राशि रिफंड कर दी जाएगी। 

जिला निर्वाचन अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य निर्वाचन आयुक्त धनपत सिंह ने माननीय पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243 जेडए की धारा (1), हरियाणा म्यूनिसिपल एक्ट, 1973 के अनुभाग तीन ए व हरियाणा म्यूनिसिपल चुनाव नियम, 1978 में निहित शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारूहेड़ा नगर पालिका में उपचुनाव से संबंधित जारी गतिविधियों पर रोक लगा दी। इसके साथ ही आयोग ने उपचुनाव से संबंधित बीती 19 अगस्त को जारी उपचुनाव से संबंधित अधिसूचना से धारूहेड़ा को अलग कर दिया।  

दरअसल, दिसंबर 2020 में हुई धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन चुनाव में कंवर सिंह ने जीत दर्ज की थी। उसके बाद उनकी मार्कशीट को लेकर विवाद हुआ और जांच के बाद उनकी मार्कशीट को फर्जी बताया गया था। 

चुनाव आयोग ने भी कुर्सी पर बैठने से पहले ही उन्हें हटाकर नए सिरे से चुनाव कराने की घोषणा की थी। 27 अगस्त से धारूहेड़ा नगर पालिका चेयरमैन पद के लिए उप चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई थी। 

इधर अयोग्य करार देने के विरोध में निर्वाचित कंवर सिंह की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इस दायर याचिका की शुक्रवार को सुनवाई हुई। अदालत की ओर से चेयरमैन की सर्टीफिकेट को योग्य करार दिया गया है। हाईकोर्ट ने 15 मार्च 2021 को सुनाए गए फैसले का गलत साबित कर दिया है।

चुनाव आयोग को दी शिकायत में संदीप बोहरा के साथ-साथ सात अन्य चेयरमैन उम्मीदवारों ने एफिडेविट देते हुए आरोप लगाए थे कि कंवर सिंह ने जो 10वीं मार्कशीट दिखाई है। वह दी सेंट्रल बोर्ड ऑफ हायर एजुकेशन से दर्शाई गई है तथा 2 जुलाई 1981 में परीक्षा पास की है। उस समय हरियाणा में इस तरह का कोई बोर्ड नहीं था। जिला प्रशासन से 10वीं मार्कशीट जांच होने तक शपथ नहीं दिलाने की मांग की थी।

उपायुक्त की ओर से कागजातों की जांच एसडीएम कोसली को सौंपी थी। जिसमें एसडीएम की ओर से कंवर सिंह की मार्कशीट को हरियाणा बोर्ड के अनुसार वैध नहीं बताते हुए फर्जी करार दिया गया था। जांच रिपोर्ट चुनाव आयोग के पास भेजी गई थी। कंवर सिंह को चुनाव आयोग की ओर से मार्च 21 में डिसक्वालीफाई कर दिया गया था। इसको लेकर कंवर सिंह की ओर से मार्कशीट को लेकर हाईकोर्ट में अपील की गई थी।

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