हरियाणा के बाद अब राजस्थान में एक्शन, इन जिलों में धारा 144 लागू, आदेश जारी

 
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संयुक्त किसान मोर्चा, विभिन्न किसान संगठनों द्वारा मांगो को लेकर दिल्ली में धरना / प्रदर्शन में करने जाने का कार्यक्रम प्रस्तावित है। इसमें जिले के विभिन्न स्थानों से किसान एकत्रित होकर ट्रैक्टर ट्रॉलियों/छोटे वाहनों से दिल्ली जाने का कार्यक्रम है। 16 फऱवरी 2024 को भारत बन्द करने का कार्यक्रम भी प्रस्तावित है। 

उक्त कार्यक्रमों के मद्देनजर कानून एवं व्यवस्था भंग होने की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके चलते श्रीगंगानगर जिला प्रशासन और हनुमानगढ़ जिला प्रशासन ने धारा 144 प्रभावी की है।

 

जिला कलक्टर अंशदीप ने बताया कि उक्त कार्यक्रमों के मद्देनजर जिला गंगानगर में रहने वाले निवासियों के जीवन व लोक शान्ति भंग होने का अंदेशा है। जिले की विशेष परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए यह आवश्यक हो गया है कि जिला श्रीगंगानगर में कानून व्यवस्था बनाई रखी जाये। इसलिए दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 144 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जिला श्रीगंगानगर में किसी भी सार्वजनिक स्थान पर 20 या 20 से अधिक व्यक्ति एकत्रित नहीं होगें।

 

किसी संगठन द्वारा सार्वजनिक स्थान पर सभा, जलसा, जुलुस, रोड मार्च, इत्यादि आयोजन सम्बन्धित उपखण्ड मजिस्ट्रेट से नियमानुसार अनुमति प्राप्त किये बिना नहीं किया जायेगा। किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी स्थान पर लाउड स्पीकर का प्रयोग, धरना प्रदर्शन नारेबाजी बैठक, पड़ाव घेराव या अन्य किसी प्रकार से मानव समूह को एकत्र नहीं किया जावेगा। कोई व्यक्ति या उनका समूह या प्रतिनिधि किसी भी प्रकार के आयोजन एवं अन्य समारोह के लिए तीव्र ध्वनि विस्तारक यंत्र (डीजे) का उपयोग बिना अनुमति के नही करेगा। यदि कोई इनका उपयोग करना चाहे तो सम्बधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति प्राप्त करेगा। रात्रि 10 बजे पश्चात् से प्रात: 6 बजे के मध्य के लिए स्वीकृति नहीं दी सकेगी।

 

उन्होंने बताया कि कोई भी व्यक्ति सार्वजनिक स्थान पर किन्ही भी प्रतीक चिन्ह युक्त झंडिया, सार्वजनिक सम्पति यथा राजकीय भवनों, राजकीय उपक्रम, बोर्ड, निगम के भवन, विश्रान्तिगृह, सार्वजनिक पार्क, चौराहे जहां पर निर्मित सर्किल, विद्युत/ टेलीफोन के खम्बे (पोल), अन्य व्यक्ति की सम्पति पर बिना सक्षम स्वीकृति / सहमति के नही लगायेगा। कोई भी व्यक्ति इस प्रकार के उत्तेजनात्मक व भड़काऊ भाषण नहीं देगा जिससे शांति प्रभावित हो।

 

उन्होंने बताया कि कोई ऐसा प्रचार प्रसार नहीं करेगा जिससे अन्य धर्म, सम्प्रदाय, समुदाय के प्रति द्वेष की भावना का प्रादुर्भाव हो। कोई भी व्यक्ति जो किसी भी संगठन का मुख्यिा / संस्थाओं के पदाधिकारी, जिनके द्वारा लोक शान्ति भंग करने एवं श्रीगंगानगर क्षेत्र में रहने वाले निवासियों के जीवन को खतरा या कोई अप्रिय घटना घटित करने की आशंका हो, ऐसे व्यक्तियों का राज्य के बाहर से जिले में प्रवेश प्रतिबन्धित रहेगा। किसी भी प्रकार से मार्ग को अवरूद्ध करने पर पाबन्दी होगी। किसी भी प्रकार का आग्नेय शस्त्र जैसे- रिवाल्वर, पिस्टल, गन, तलवार, फरसा, घातक एवं धारदार हथियार, लाठियां आदि अपने घर से बाहर ले जाने एवं लेकर चलने पूर्णतया प्रतिबन्ध रहेगा। सिख परम्परा वाले व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। यह आदेश पुलिस, राजकीय अधिकारी एवं कर्मचारियों एवं सुरक्षा बलों व कानून व्यवस्था से संबधित अधिकारियों पर लागू नहीं होगा।

 

उन्होंने बताया कि परीक्षा से सम्बन्धित परीक्षार्थी एवं उनके साथ आये हुए परिजन (परीक्षार्थी का रोल नम्बर एवं स्वयं की आईडी), परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावक समूह में एकत्रित नहीं होंगें। धार्मिक / सांस्कृति कार्यक्रम/विवाह / शव यात्रा व रस्म पगड़ी, सामाजिक रीति-रिवाज कार्यक्रम को कारण एकत्रित लोग / दुकाने /मार्किट / शॉपिंग कॉप्लैक्स/सिनेमा, पीवीआर/आम जन-जीवन को निर्बाधित कार्यक्रम, उक्त के अतिरिक्त यदि अन्य किसी प्रकार की अनुमति सक्षम प्राधिकारी से ली गई हो तो वह भी अनुमत होगा।

 

उन्होंने बताया कि यह आदेश सम्पूर्ण श्रीगंगानगर जिले में तुरन्त प्रभाव से लागू होगा। इस आदेश का उल्लघंन करने पर भारतीय दण्ड संहिता की धारा 188 के तहत दण्डित कराने की कार्यवाही की जावेगी। यह आदेश दिनांक 11 फरवरी 2024 सांय 06 बजे से 20 फऱवरी 2024 की मध्यरात्रि तक प्रभावशील होगा।