Haryana Pension: हरियाणा में अब बुजुर्ग पेड़ों को मिलेंगी पेंशन, जानिये क्या है योजना ?
 

प्रदेश सरकार के प्रयास से मुख्यालय ने सभी जिला वन अधिकारियों से प्राणवायु देवता स्कीम के तहत 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के पेड़ों का रिकार्ड मांगा है। इसका मुख्य उद्देश्य पेड़ों की सुरक्षा के साथ हरियाली को बढ़ावा देना है। वन विभाग की एक्सपर्ट टीम की ओर से दावा करने वाले व्यक्ति के यहां पेड़ की जांच कर उम्र तय की जाएगी और रिपोर्ट के आधार पर राशि जारी होगी।

सभी दस्तावेज सही पाए जाने पर लाभार्थी को पेड़ के रखरखाव के लिए 2500 रुपये सालाना पेंशन लाभ मिलेगा। बता दें कि विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पांच जून 2021 को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल प्राण वायु देवता पेंशन योजना की घोषणा की थी जिसे अमलीजामा पहनने के लिए अब वन अधिकारी रिपोर्ट तैयार में जुटे हुए हैं।

जिला में 180 आवेदनों पर तैयार की जाएगी रिपोर्ट
करनाल वन विभाग के पास स्कीम का लाभ लेने के लिए किसी ने स्वयं पहुंच कर सूचना दी तो किसी ने फोन, मेल और व्हाट्स एप के माध्यम से सूचना दी है। 31 मार्च तक जिला में 180 आवेदनों को स्वीकार किया गया है। सबसे ज्यादा बुजुर्ग पेड़ों में बड़ और पीपल की संख्या अधिक है। एक्सपर्ट टीम सदस्यों की रिपोर्ट के आधार पर ही लाभार्थी पैंशन का हकदार होगा। खेत-घर के मालिक के अलावा स्थानीय निकायों के अंतर्गत पेड़ों की देखभाल के लिए राशि दी जानी है। विभाग की मानें तो स्कीम का लाभ लेने के लिए विभाग के कार्यालय में आवेदन कर सकते हैं या क्षेत्र के संबंधित वन विभाग के कर्मचारी को सूचित किया जा सकता है।


वन विभाग के क्षेत्र में आते हैं कई पेड़

विभागीय जानकारी के अनुसार अब तक सर्वे के अनुसार अधिकतर बुजुर्ग पेड़ खेत या पंचायती जमीन पर हैं। इसके अलावा अधिकतर पुराने पेड़ वन विभाग की अपनी जमीन पर हैं। कुछ खेतों को कालोनाइजरों ने खरीदा है जहां इस तरह के पेड़ खड़े होने की सूचना मिली है। एक उदाहरण बलड़ी बाइपास का है। जहां वर्षों पुराना पीपल का पेड़ है ऐसे पेड़ों को विभाग के कर्मचारी वहां के आसपास के लोगों के सहयोग से सुरक्षित कर रहे हैं। वन विभाग के जंगलों में भी पुराने पेड़ों का डाटा तैयार किया गया है।

सरकार का मुख्य उद्देश्य पेड़ों का संरक्षण

जिला वन अधिकारी जयकुमार नरवाल ने बताया कि पर्यावरण में सुधार के लिए हरियाणा सरकार गंभीर है और वातावरण में प्राणवायु को सुरक्षित करने के लिए पेड़ों का बचाव करना है। राज्य सरकार द्वारा शुरू की गई यह योजना मुख्य रूप से 75 वर्ष या इससे अधिक आयु के पेड़ों के लिए है। मुख्यालय के आदेश पर रिपोर्ट तैयार करने के लिए टीम का गठन किया गया है। कार्यालय में अभी भी संबंधित पेड़ों की सूचना मिलने पर टीम सर्वे करेगी। प्राणवायु देवता स्कीम के तहत मिलने वाली पेंशन राशि के माध्यम से हरियाली को सुरक्षित किया जा सकेगा।