Haryana News: बुड़ाक के ग्रामीणों ने रोकी तीन गांवों की बिजली, बालसमंद के लोगों ने बुड़ाक जाने वाली बसें रोक दीं
गुरुवार रात को बुड़ाक के ग्रामीणों ने बुड़ाक, बांडाहेड़ी और बालसमंद की बिजली सप्लाई रोक दी। रातभर बिजली कर्मियों और ग्रामीणों के बीच आपसी बातचीत चलती रही। निगम कर्मियों और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने।
 

हिसार के गांव बुड़ाक के ग्रामीणों ने रात भर से तीन गांवों की बिजली सप्लाई रोकी हुई है। बुड़ाक के ग्रामीणों की मांग है कि रात के समय उन्हें पूरी बिजली मिले। बुड़ाक के ग्रामीणों की खुद की बिजली सप्लाई लेने के लिए दो अन्य गांवों की बिजली रातभर से रोक रखी है। इस पर शुक्रवार सुबह बालसमंद के ग्रामीणों ने बुड़ाक से हिसार जाने वाली बस को रोक लिया है। दोनों गांवों में आपसी तनाव की स्थिति बन गई है। 

गुरुवार रात को बुड़ाक के ग्रामीणों ने बुड़ाक, बांडाहेड़ी और बालसमंद की बिजली सप्लाई रोक दी। रातभर बिजली कर्मियों और ग्रामीणों के बीच आपसी बातचीत चलती रही। निगम कर्मियों और पुलिस ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण नहीं माने। गुरुवार सुबह तक बिजली सप्लाई सुचारु नहीं हो पाई तो बालसमंद के ग्रामीण गुस्सा गए और बुड़ाक से हिसार जाने वाली बस को रोक लिया। किसी भी प्राइवेट व्हीकल को बालसमंद से आगे नहीं जाने दिया गया।


बुड़ाक से जो लोग बालसमंद में अपना रोजगार चला रहे हैं, उनकी दुकानें बंद करा दी गई हैं। बालसमंद के ग्रामीणों की मांग है कि बुड़ाक के ग्रामीण अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करे उन्हें कोई एतराज नहीं है। लेकिन वे अपनी मांगों के लिए अन्य दो गांव बालसमंद और बांडाहेड़ी को क्यों परेशान कर रहे है। बालसमंद के ग्रामीणों की मांग है कि उनकी बिजली सप्लाई सुचारु की जाए। दोनों गांवों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। पुलिस मौके पर मौजूद है। 


बुड़ाक जगमग योजना से वंचित 
क्षेत्र का बुड़ाक गांव सरकार की जगमग योजना में शामिल नहीं है। जबकि बालसमंद और बुड़ाक दोनों गांव जगमग योजना में शामिल है। बुड़ाक गांव को 16 घंटे बिजली सप्लाई का शेड्यूल है और दोनों अन्य गांवों में 24 घंटे। इन दिनों बिजली की कमी में 24 घंटे बिजली तो नहीं मिल रही लेकिन अब बुड़ाक ने अपनी मांग के लिए अन्य दो गांवों की बिजली रोक रखी है।