शत शत नमन- आतंकी हमले में CO, पत्नी, बेटे समेत 7 लोग शहीद
 

मणिपुर में शनिवार को बड़े आतंकी हमले को अंजाम दिया गया है। सुबह करीब दस बजे मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के सिंघाट में आतंकियों ने इस हमले को अंजाम दिया था। उनकी तरफ से  46 असम राइफल्स के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल विप्लव त्रिपाठी को निशाना बनाया गया और उनके काफिले पर ये जानलेवा हमला हुआ।

सप्ताह के अंतिम दिन में एक दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। पूरा परिवार एक आतंकवादी हमले में शहीद हो गया। घटना के बाद देश प्रदेश में सदमे का माहौल है। दरअसल छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के विप्लव त्रिपाठी जो असम राइफल में कमांडिंग ऑफिसर थे उनके पूरे परिवार की आतंकी हमले में मौत हो गई हैं।

मणिपुर में उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया, जिसमें अफसर की पत्नी, बच्चे सहित सात जवान शहीद हो गए। इस हमले में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के निवासी है। 

कर्नल के अलावा उनकी पत्नी अनुजा त्रिपाठी और बेटा अबीर त्रिपाठी की भी इस घटना में मौत हुई है। विप्लव 46 असम रायफल में पदस्थ थे। विप्लव त्रिपाठी के शहीद होने की खबर मिलते ही रायगढ़ में उनके निवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। विप्लव के पिता सुभाष त्रिपाठी रायगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार हैं।

मिली जानकारी के अनुसार यह घटना सुबह 10:00 बजे की बताई जा रही है जिसमें कमांडिंग ऑफिसर विप्लव त्रिपाठी का पूरा परिवार शहीद हो गया। उनकी पत्नी के साथ 5 साल के मासूम की भी जान चली गई।

मिली जानकारी के अनुसार आतंकवादियों ने एंबुश लगाकर सेना के काफिले पर हमला किया। इस हमले में कमांडिंग ऑफिसर के परिवार के साथ साथ चार अन्य जवान भी शहीद हो गए। यह हमला मणिपुर के चुराचांदपुर जिले के सिंघाट में हुआ।

असम राइफल्स के कमांडिंग आफिसर के काफिले पर आतंकियों ने हमला किया। काफिले में कमांडिंग ऑफिसर के परिवार के सदस्य और क्विक एक्शन टीम के सदस्य मौजूद थे।

बता दे कि, 40 वर्षीय विप्लव त्रिपाठी छतीसगढ़ के रायगढ़ के ही रहने वाले थे, उनके साथ उनकी 38 वर्षीय पत्नी अनुजा व 5 वर्षीय पुत्र अबीर भी साथ थे। कर्नल विप्लव का घर रायगढ़ के हंडी चौक में है और उनके पिता सुभाष त्रिपाठी रायगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार है। वो सांध्य पत्रिका बयार के सम्पादक हैं।

विप्लव के दादा किशोरी लाल त्रिपाठी रायगढ़ के प्रथम सांसद भी रह चुके थे, उनके नाम पर रायगढ़ में शासकीय कालेज भी है। कर्नल विप्लव की माता सुधा त्रिपाठी कालेज में लाइब्रेरियन के पदपर थी, जो अब सेवा से निर्वित हो चुकी है।

मणिपुर की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी का गठन 1978 में किया गया था। इसे भारत सरकार ने आतंकी संगठन घोषित किया है। मणिपुर में यह संगठन धोखे से भारतीय सुरक्षाबलों पर पहले भी हमले करता रहा है। इसका संगठन का गठन बिश्वेसर सिंह ने किया था। यह आतंकी संगठन स्वतंत्र मणिपुर की मांग करता रहा है।

मणिपुर में उग्रवादियों ने सुरक्षाबलों को निशाना बनाया, जिसमें अफसर की पत्नी, बच्चे सहित सात जवान शहीद हो गए। इस हमले में शहीद कर्नल विप्लव त्रिपाठी छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के निवासी है। कर्नल के अलावा उनकी पत्नी अनुजा त्रिपाठी और बेटा अबीर त्रिपाठी की भी इस घटना में मौत हुई है।

विप्लव 46 असम रायफल में पदस्थ थे। विप्लव त्रिपाठी के शहीद होने की खबर मिलते ही रायगढ़ में उनके निवास पर लोगों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। विप्लव के पिता सुभाष त्रिपाठी रायगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार हैं।