दूल्हे के दहेज के 11 लाख लौटाए वापस, कैथल में असिस्टेंट प्रोफेसर हैं दूल्हा
 

आजकल लोग दहेज के लिए बहू बेटियों की हत्या कर रहे हैं, दहेज के लिए कई लोग अपने घर आई बेटी को प्रताड़ित करते हैं, लेकिन इससे हटकर हरियाणा के करनाल से एक ऐसा मामला सामने आया है जिससे पूरे समाज में मसाल पेश की है।

दरअसल करनाल के असंध में दूल्हे ने दहेज में मिले 11 लाख रुपए लौटाकर मिसाल पेश की है। उनके इस कदम की सभी प्रशंसा कर रहे है। दहेज जैसी कुप्रथा को समाप्त करने की दिशा में ये एक सराहनीय कदम है। असिस्टेंट प्रोफेसर विक्रम सिंह की माने तो उन्होंने ये कदम युवाओं को प्रेरित करने के लिए उठाया है। ताकि दूसरा कोई भी व्यक्ति दहेज ना लें।

दहेज प्रथा ने समाज की जड़ों को खोखला करने का काम किया है। इसे समाप्त करने के लिए युवाओं को आगे आना होगा। यह कहना है गांव सालवन में शादी करने आए निसिंग क्षेत्र के गांव असंध वासी विक्रम सिंह का। उन्होंने सालवन गांव वासी तेजबीर द्वारा बेटी की शादी में दिए 11 लाख रुपए का दहेज ना लेकर युवा पीढ़ी को संदेश दिया है। विक्रम सिंह कैथल के सरकारी कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर है।

विक्रम सिंह ने बताया कि दहेज के कारण काफी घर बर्बाद हो रहे हैं। बेटियों को मारा जा रहा है। एक पिता अपनी हैसियत से ज्यादा अपनी बेटी को दहेज के रूप में देकर कर्जदार हो रहा है। कई बार तो पिता को बेटी की शादी करने के लिए जमीन तक बेचनी पड़ती है। ऐसे में एक परिवार को खुश करने के लिए दूसरे परिवार को दुखी होना पड़ता है। इसी सोच को बदलने के लिए उन्होंने किसी दूसरे से नहीं बल्कि अपने आप से शुरुआत की है।

विक्रम सिंह ने कहा कि अगर इस कुप्रथा को खत्म करने और समाज को बदलने के लिए युवाओं का जागरूक होना बहुत जरुरी है। विक्रम सिंह ने बताया कि दहेज़ प्रथा बड़ी बुराई है। इसे रोकना सबकी जिम्मेदारी है। उधर विक्रम सिंह की ओर से दहेज प्रथा पर किए इस प्रहार की चर्चा आसपास के क्षेत्र में भी फैल गई और हर कोई उनकी सराहना करता दिखाई दिया।