खेतों में 20 हजार सोलर पंप होंगे इंस्टाल, सिंचाई के लिए दिए जाएंगे 15 हजार नए ट्यूबवैल कनैक्शन
 

हरियाणा के बिजली मंत्री रणजीत सिंह ने कहा कि उनका प्रयास है कि किसानों को खेतों में सिंचाई के लिए अधिक से अधिक बिजली कनेक्शन जल्द दिए जाएं। खेतों में सोलर पंप इंस्टाल करवाए जाएं ताकि उन्हें फसल उत्पादन करने में कोई समस्या न आए।

रणजीत सिंह बुधवार को सचिवालय स्थित अपने कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करने के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि दो एकड़ से पांच एकड़ तक की खेती के लिए किसान 5 हार्स पावर व 10 हार्स पावर के सोलर पंप को काफी पसंद कर रहे हैं। 

उन्होंने बताया कि सोलर पंप पर भारत सरकार की ओर से 35 प्रतिशत तथा हरियाणा सरकार की ओर से 40 प्रतिशत सब्सिडी दी जाती है, जोकि कुल मिलाकर 75 प्रतिशत सब्सिडी बनती है और किसान को केवल कुल लागत का 25 प्रतिशत खर्च ही वहन करना पड़ता है।

प्रदेश में 20 हजार सोलर पंप मंजूर

बिजली मंत्री बताया कि दो एकड़ से पांच एकड़ तक की खेती के लिए किसान 5 हार्स पावर व 10 हार्स पावर के सोलर पंप को काफी पसंद कर रहे हैं। किसानों की सुविधा के लिए 20 हजार सोलर पंप मंजूर किए गए थे, जिनमें से 6 हजार सोलर पंप लगाए जा चुके हैं। जबकि 14 हजार सोलर पंप जल्द ही इंस्टाल कर दिए जाएंगे।

सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से मिलेगा पर्याप्त पानी

उधर, हरियाणा के कृषि मंत्री जेपी दलाल ने कहा कि प्रदेश के हर घर में नल से स्वच्छ जल और हर खेत में सूक्ष्म सिंचाई तकनीक से पर्याप्त पानी दिया जाएगा। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि रबी फसलों की बुवाई के दौरान उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी। साथ ही, उन्होंने लोगों से टैंकों और तालाबों में पानी संग्रहित करने का आग्रह किया ताकि जल स्तर को बनाए रखा जा सके और पानी की कमी के दौरान इसका उपयोग किया जा सके।

नहरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति के निर्देश

कृषि मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को सिंचाई के लिए नहरों में पानी की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सिंचाई विभाग के अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए दक्षिण हरियाणा के महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, चरखी दादरी, भिवानी और झज्जर जिलों की उठान सिंचाई परियोजनाओं के लिए मोटर और पम्प सेट की मरम्मत के कार्य में तेजी लाने के भी निर्देश दिए। दलाल ने अधिकारियों को रजवाहों की सफाई का काम भी जल्द पूरा करने के निर्देश दिए ताकि हर गांव में पेयजल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।