Chopal Tv,Delhi

केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वीरवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के नेतृत्व में विभिन्न विभागों और अधिकारियों द्वारा प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए एक टीम के रूप में किये गए कार्यों और प्रबन्धों की सराहना की है। इसके अलावा, उन्होंने दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में कोरोना महामारी के संक्रमण को रोकने के लिए नई रणनीति बनाने को कहा है।

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केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पहल पर हरियाणा, उत्तर प्रदेश व दिल्ली के मुख्यमंत्रियों के साथ विडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से दिल्ली सहित राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हरियाणा के पांच जिले नामत: गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, रोहतक और झज्जर तथा उत्तर प्रदेश के बागपत, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद जिलों में कोविड-19 की स्थिति पर समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला भी उपस्थित थे और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अम्बाला से जुड़े।

बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अवगत करवाया कि पिछले सात दिनों में हरियाणा में कोविड-19 की रिकवरी रेट 70.75 प्रतिशत रहा है, जो एक समय 32 प्रतिशत तक पहुंच गई थी। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत और झज्जर जिलों में पिछले सात दिनों में कोविड-19 के 2724 सक्रिय मामले हैं तथा इसके अलावा, 2110 नये मामले भी आएं हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि 30 जून, 2020 तक हरियाणा में कोविड-19 के सक्रिय मामलों की संख्या 35,000 से अधिक होने का अनुमान था, परंतु प्रदेश में कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए किये गए प्रबन्धों के चलते यह 15,500 तक पहुंची।

सीएम मनोहर लाल ने कहा कि कोविड-19 के प्रतिदिन किये जाने वाले रैपिड टैस्ट को 4000 से बढ़ाकर 5000 कर दिए हैं। अकेले गुरुग्राम में ही 3500 रैपिड टैस्ट किये जा रहे हैं और एनसीआर के अन्य जिलों में भी रैपिड टैस्टिंग शुरु की जाएगी। उन्होंने बताया कि गुुरुग्राम को स्थिति को देखते हुए वहां पर 17 एग्रेसिव कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। उन्होंने बताया कि लोग अपने शरीर में स्वयं ऑक्सीजन की जांच कर सकें, इसके लिए हरियाणा में 1500 पल्स ऑक्सीमीटर वितरित किये गए हैं और इसके अलावा, 1000 पल्स ऑक्सीमीटर अतिरिक्त वितरित किये जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने इस बात से भी अवगत करवाया कि कोविड-19 के चलते 750 नये डॉक्टर्स भर्ती किये गए। इसी प्रकार, 1006 डाक्टर्स ने टेलीमेडिसन के माध्यम से लोगों को घर पर ही अन्य बीमारियों में उनके उपचार हेतु सलाह-मशवरा दिया गया। प्रदेश में आईसीयू बेडों की संख्या 1061 है तथा अन्य कोविड-19 तथा आइसोलेशन बैडस की संख्या 15,900 है।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य व अन्य विभागों के बेहतर तालमेल के लिए 70,000 वॉलिन्टियर्स ने स्वेच्छा से कार्य करने के लिए अपना पंजीकरण करवाया, जिनमें डॉक्टरों, पैरा-मेडिकल स्टॉफ के अलावा अन्य क्षेत्रों से जुड़े लोग भी शामिल थे। इन लोगों ने कोविड-19 के चलते घर-घर जाकर सर्वे का कार्य किया और अपनी सेवाएं दी। इसी प्रकार, 20,000  से अधिक स्थानीय समितियां गठित की गई, जिन्होंने गरीबों व मजदूरों को राशन बांटने में विशेष सहयोग किया और इस दौरान 87,000 से अधिक डिस्टैर्स राशन टोकन भी बांटे गए।

मनोहर लाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, आसाम, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा जैसे दूसरे राज्यों के मजदूरों को उनके गृह राज्यों में उनके गंतव्य स्थानों पर पहुंचाने के लिए 100 विशेष रेलगाडिय़ां तथा 5600 से अधिक बस ट्रिप के प्रबन्ध किये गए। उन्होंने कहा कि अब औद्योगिक मजदूर दोबारा हरियाणा में वापिस लौट रहा है तथा लगभग 40.5 लाख मजदूर तो काम पर लौट भी आया है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि अब औद्योगिक गतिविधि लगभग सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही है और अगर हम औद्योगिक क्षेत्र में बिजली की खपत को देखें तो यह लगभग 82 प्रतिशत तक पहुंचने लगी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि जीएसटी व अन्य राजस्व गतिविधियां भी पहले की तरह सामान्य स्थिति की ओर बढऩे लगी हैं। इसी प्रकार, वैट संग्रहण भी 75 प्रतिशत हो गया है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के चलते प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी, गृह मंत्री श्री अमित शाह तथा केन्द्रीय गृह मंत्रालय तथा स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा समय-समय दिशा-निर्देशों की पालना की गई।

विडियो कान्फ्रेंसिंग के दौरान डॉ० पॉल ने आज दिल्ली व राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पडऩे वाले हरियाणा के पांच और उत्तर प्रदेश के तीन जिलों के लिए ‘‘स्ट्रैंथिंग कोविड-19 रिस्पांस इन दिल्ली एंड एनसीआर रिजन’’ विषय पर प्रस्तुतिकरण भी दिया।

female lab technician doing research with a microscope in the lab. coronavirus

बैठक में मुख्य सचिव केशनी आनन्द अरोड़ा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय वर्धन, मेडिकल चिकित्सा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव अलोक निगम, उद्योग विभाग के प्रधान सचिव ए.के. सिंह, श्रम विभाग के प्रधान सचिव विनीत गर्ग, मुख्यमंत्री की उप प्रधान सचिव आशिमा बराड़ और पुलिस महानिदेशक मनोज यादव के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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