IAS Success Story: कई बार हाथ लगी नाकामयाबी, लेकिन दृढ़ निश्चय और हौसले के आगे सपने पूरे कर गई यह महिला, पढि़ए आईएएस बनीं मीरा की सक्सेस स्टोरी
 
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यूपीएससी की तैयारी करने वाली मीरा कहानी प्रेरणा देने वाली है। मूल रूप से केरल की रहने वाली महिला ने कई बार सिविल सर्विस एग्जाम में असफलता पाई। लेकिन निश्चय और इरादा नहीं बदला। आखिर में सफलता हासिल कर ली। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सर्विसेज परीक्षा को देश की सबसे प्रतिष्ठित परीक्षाओं में एक माना जाता है।

इस परीक्षा को पास करने वाले कई अभ्यर्थी ऐसे होते हैं, जो अन्य लोगों के लिए रोल मॉडल बन जाते हैं। ऐसी ही कुछ कहानी मीरा के की है। उन्हें 2020 की सिविल सर्विसेज परीक्षा में ऑल इंडिया 6वीं रैंक मिली है।

इंटरमीडिएट के बाद मीरा के ने इंजीनियरिंग कॉलेज में दाखिला ले लिया और बीटेक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने सिविल सेवा में जाने का मन बनाया। फिर शुरू की तैयारी। मीरा ने सबसे पहले यूपीएससी के सिलेबस को समझा और फिर स्टडी मेटीरियल तैयार किया।

कड़ी मेहनत के बावजूद उन्हें तीन प्रयासों में सफलता नहीं मिली। हर बार मीरा ने अपनी पिछली गलतियों को सुधारा और उम्मीद नहीं छोड़ी। आखिरकार चौथे प्रयास में वह टॉपर्स की सूची में शुमार हो गईं। मीरा के मुताबिक अभ्यर्थियों को करंट अफेयर्स पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

प्रतिदिन न्यूजपेपर या मैगजीन पढ़ें। इसके अलावा अपना बेस मजबूत करने के लिए एनसीईआरटी की किताबें जरूर पढ़ें। प्रीलिम्स और मेंस के रिवीजन के लिए छोटे-छोटे नोट्स जरूर बनाएं। अगर आप इन बातों का ध्यान रखेंगे तो आपकी तैयारी बेहतर हो सकेगी।

मीरा के मानें तो अभ्यर्थियों को धैर्य रखकर परीक्षा की तैयारी करना चाहिए। अगर एक, दो या फिर तीन बार में चयन नहीं होता है तो घबराएं नहीं और पूरी मेहनत और लगन के साथ तैयारी करें, सफलता जरूरी मिलेगी। मीरा के मुताबिक तैयारी के दौरान कड़ी मेहनत, सही रणनीति, बीच-बीच मैं मनोरंजन भी जरूरी है, ज्यादा से ज्यादा रिवीजन, आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस और सकारात्मक रवैया सफलता के लिए काफी जरूरी होता है।