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रोहतक- बच्चे समेत छह पहलवानों की हत्या मामले में पुलिस की ढीला रवैया, छह महीने बाद भी आर्म्स FSL रिपोर्ट नहीं आई
 

रोहतक के बहुचर्चित जाट कॉलेज अखाड़ा हत्याकांड जिसें पूरा शहर दहल गया था. करीब 6 महीने पहले अखाड़े कोच सुखविंद्र ने मुख्य कोच मनोज समेत 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी जिसमें एक बच्चा भी शामिल था.

अब इस मामलें में एक नया खुलासा हुआ है. असल में 6 माह बीत जाने के बाद भी आरोपी को दोषी करार करवाकर उसे कड़ी सजा करवाने को लेकर पुलिस ही मामले में ढीलाई बरत रही है। अब तक इस केस में 4 से अधिक सुनवाई हो चुकी हैं लेकिन  पुलिस अभी तक वारदात में शामिल पिस्तौल की एफएसएल रिपोर्ट भी कोर्ट में पेश नहीं कर पाई है, जिस वजह से इस मामले में तारीख पर तारीख बढ़ जा रही है.

मामले की अगली सुनवाई जहां 21 सितंबर को होनी है वहीं, मामले में पुलिस का कहना है कि आर्म्स एफएसएल रिपोर्ट मधुबन लैब से आनी है जिसके लिए लगातार रिमाइंडर भेजे जा रहे हैं। एक बार ‌फिर रिमाइंडर भेजकर रिपोर्ट जल्द मंगवाने का प्रयास किया जाएगा।

बता दें कि रोहक शहर के जाट कॉलेज में बने अखाड़े में 12 फरवरी को हत्याकांड हुआ था. जिसमें कोच सुखविंद्र ने मुख्य कोच मनोज समेत 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी थी.  मृतकों में मुख्य कोच मनोज के अलावा, उसकी पत्नी साक्षी, 3 साल का बेटा सरताज, कोच प्रदीप, सतीश और पूजा शामिल थे। 

मामला कुछ यूं था
जानकारी के अनुसार जाट कॉलेज अखाड़ा के सीनियर कोच मनोज मलिक व उसकी पत्नी साक्षी मलिक ने आरोपी कोच सुखविंदर को उसके खिलाफ मिल रही शिकायतों के चलते उसे अखाड़े में आने से मना किया था। जिसके चलते उनमे मनमुटाव बढ गया था. 

बता दें कि मनोज मलिक जाट कॉलेज में डीपी के पद पर कार्यरत थे। कॉलेज के पीछे बना अखाड़ा भी मनोज की देखरेख में चलता था। इसी अखाड़े में सुखविंदर भी कोचिंग देता था. वारदात के करीब 5 महीने पहले दो महिला खिलाड़ियों ने मनोज से सुखविंदर की शिकायत की थी। शिकायत मिलने के बाद मनोज ने सुखविंदर को मना कर दिया था कि वह कोचिंग देने अखाड़े में न आए.

इसी बहस के चलते मनोज और साक्षी की हत्या की थी साथ ही इनके तीन साल के बेटे सरताज के भी  सिर में गोली मारी गई थी, सरताज 4 दिन तक अपनी जिंदगी की लड़ाई लड़ता-लड़ता दम तोड़ दिया था।