HPSC डिप्टी सेक्रेटरी के घर से मोटी रकम बरामद, बड़ी रिश्वत लेने का है आरोप
 

हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन के डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर के घर पर भी छापेमारी की गई है जिसमें हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) के डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर और उनके असिस्टेंट अश्विनी के पंचकूला स्थित आवास से शुक्रवार को 1 करोड़ 2 लाख रुपये बरामद किए गए। उधर विजिलेंस ने आरोपी अनिल नागर को 4 दिन के रिमांड पर ले लिया।

इस मामले में अब तक आरोपियों से 2 करोड़ 10 लाख रुपए बरामद किए जा चुके हैं। विजिलेंस ने गुरुवार को ही झज्जर में अश्विनी के घर से एक करोड़ आठ लाख रुपये बरामद किए थे।

हरियाणा सिविल सर्विस (HCS) के 2016 बैच के अधिकारी अनिल नागर और उनके असिस्टेंट अश्विनी के घर हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो की सर्च गुरुवार देर रात से शुक्रवार तक चलती रही। दूसरे दिन विजिलेंस टीम ने अश्विनी के आवास से 90 लाख रुपये बरामद िकए। इससे पहले, विजिलेंस अधिकारियों ने नागर को शुक्रवार सुबह ही पंचकूला में ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर 4 दिन का रिमांड ले लिया।

हरियाणा विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि सर्च के दूसरे दिन पंचकूला में अनिल नागर के घर से 12 लाख रुपये कैश, 50 लाख रुपए कीमत की एक जमीन की रजिस्ट्री, लैपटॉप और फोन बरामद किया गया। इन सभी को सीज कर दिया गया।

विजिलेंस ब्यूरो के अधिकारी अनिल नागर की कॉल डिटेल खंगाल रहे हैं। इस बात की पड़ताल भी चल रही है कि अनिल नागर के साथ इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हैं? इस एंगल से भी जांच की जा रही है कि कहीं इस गिरोह के तार HPSC की भर्तियों से तो नहीं जुड़े।

हरियाणा पब्लिक सर्विस कमीशन (HPSC) के जरिये होने वाली डेंटल सर्जन भर्ती के दौरान ओएमआर शीट खाली छोड़ने वालों का चयन करवाने से जुड़े मामले में विजिलेंस ब्यूरो ने गुरुवार को ही HPSC के डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर को 90 लाख रुपये कैश के साथ उनके दफ्तर से पकड़ा था। यह पैसा अनिल नागर का असिस्टेंट अश्विनी उन्हें देने पहुंचा था। अश्विनी हरियाणा में झज्जर जिले का रहने वाला है।

दरअसल विजिलेंस ब्यूरो ने अश्विनी के झज्जर स्थित घर से तकरीबन एक करोड़ रुपये आठ लाख रुपये बरामद किए थे। पूछताछ में अश्विनी ने बताया कि इसमें से 90 लाख रुपये अनिल नागर के हैं। ऐसे में विजिलेंस ब्यूरो के कहने पर ही अश्विनी पंचकूला स्थित HPSC दफ्तर में अनिल नागर को रकम देने पहुंचा। जैसे ही अनिल नागर ने कैश लिया, विजिलेंस की टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया।

इसी मामले में सबसे पहले विजिलेंस ब्यूरो ने 17 नवंबर को भिवानी के नवीन को पंचकूला में ही 20 लाख रुपये लेते पकड़ा था। वहीं से अश्विनी का सुराग मिली और उसके बाद विजिलेंस के अधिकारी अनिल नागर तक पहुंचे।

मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए कृतसंकल्प है। जहां भी भ्रष्टाचार की शिकायत मिलती है, उस पर सरकार तुरंत कार्रवाई करती है। इसी का नतीजा है कि HPSC के डिप्टी सेक्रेटरी अनिल नागर को गिरफ्तार कर 2 करोड़ रुपए से अधिक की रकम बरामद कर ली गई।