Chopaltv.com
फेसबुक पर हथियार लहराता था गैंगस्टर, खेतों में पुलिस से मुठभेड़ हुई तो उठाया ये कदम
 

जयपुर के कोटपूतली में मंगलवार देर रात एक शार्प शूटर ने खुद को गोली मारकर जान दे दी। शार्प शूटर रूपाचंद उर्फ सुक्खा गुर्जर शराब ठेकेदार की हत्या के मामले में फरार था। उसके साथ दो अन्य बदमाश भी थे।

दरअसल, पुलिस सुक्खा शूटर को पकड़ने पहुंची थी। इस दौरान उसने फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने घेर लिया तो पिस्टल से खुद के सिर में गोली मार ली। सुक्खा की मौके पर ही मौत हो गई। उसके शव को अस्पताल में रखवाया गया है।

एएसपी रामकुमार कस्वां ने बताया कि रूपाचंद उर्फ सुक्खा गुर्जर (21) पुत्र सुरेश कुमार निवासी खेतड़ी झुंझुनूं की मौत हो गई है। सुक्खा खेतड़ी में शराब ठेकेदार की हत्या के मामले में 6 महीने से फरार चल रहा था। इस पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। 

सुक्खा के खिलाफ हत्या, लूट और मारपीट के चार मामले दर्ज थे। कोटपूतली थानाधिकारी दिलीप सिंह को रात करीब 11 बजे सुक्खा की लोकेशन मिली। पुलिस बाला का नांगल में पहुंची तो उसके साथ दो अन्य बदमाश भी थे। पुलिस को देखते ही वे भागने लगे।

तीनों बदमाश स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार थे। गाड़ी को हाईवे से उतारकर बाजरे के खेत में घुसा दिया। फिर गाड़ी से उतर कर भागने लगे। तीनों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। दो बदमाश दूसरी दिशा में भाग गए। पुलिस ने सुक्खा को अंधेरे में चारों तरफ से घेर लिया। खुद को घिरा देखकर सुक्खा ने पिस्टल से सिर में गोली मार ली। 

पुलिस ने पास आकर देखा तो उसकी मौत हो गई थी। सूचना मिलने पर एसपी शंकरदत्त शर्मा, एएसपी रामकुमार कस्वां, डीएसपी दिनेश यादव मौके पर पहुंचे। जयपुर से एफएसएल टीम को भी बुलाया गया।

सुक्खा खेतड़ी के दूदवा का रहने वाला था। उसने 6 महीने पहले शराब ठेकेदार से फिरौती मांगी थी। फिरौती नहीं मिलने पर उसे धमकी दी थी। फिर उसकी हत्या कर दी गई। दोनों फरार बदमाशों की तलाश के लिए हाईवे पर आसपास के गांवों में नाकाबंदी करवाई गई। उनका कुछ पता नहीं लग सका।

सुक्खा की पिछले तीन दिनों से कोटपूतली में ही लोकेशन मिल रही थी। बाला का नांगल में ढाणी में जलवे के कार्यक्रम में आया था। वहां पर शराब पीकर उत्पात मचा रहा था। पुलिस पहुंची तो 15 लोगों को शांतिभंग में गिरफ्तार किया था। तब सुक्खा फरार हो गया था। तब से पुलिस लोकेशन के हिसाब से तलाश कर रही थी।

सुक्खा झुंझुनूं जिले के खेतड़ी तहसील के आसपास के गांवों में अपना रुतबा बनाना चाहता था। उसके खिलाफ हत्या से लेकर लूट, मारपीट के भी मुकदमें दर्ज हो चुके है। कई बार दहशत फैलाने के लिए वह फायरिंग भी कर चुका है। 29 मई को सुक्खा ने अपने साथी चुन्नीलाल के साथ मिलकर दुधवा खेतड़ी में महेंद्र सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी थी। महेंद्र सिंह शराब ठेकेदार था। वह सेल्समैन को खाना देकर घर जा रहा था। 

सुक्खा अपने साथी चुन्नीलाल के साथ रास्ते में ही छिप कर बैठा था। जैसे ही महेंद्र सिंह आया तो दोनों ने मिलकर मारपीट की। सुक्खा ने उसके दाएं पैर में गोली मार दी। दोनों वहां से फरार हो गए। खुद महेंद्र सिंह ने अपने बेटे को फोन कर दोनों के बारे में फायरिंग की सूचना दी थी। बाद में महेंद्र सिंह की अस्पताल में मौत हो गई थी।