Chopaltv.com
इन 8 दूल्हों को ढूंढ रही पुलिस, दुल्हन निकली है एड्स पीड़ित, 8 दूल्हों संग मना चुकी है सुहागरात
 

हरियाणा की रहने वाली 30 वर्षीय महिला को पंजाब पुलिस ने गिरफ्तार किया है। युवती अब से पहले 8 शादियां कर चुकी है और अब जब मेडिकल करवाया गया तो युवती HIV पॉजिटिव पाई गई है। युवती जहां पर भी शादी की थी वहां पर सुहागरात समेत हफ्तेभर रुककर आई थी।

पंजाब पुलिस ने खुलासा करते हुए बताया कि असल में हरियाणा के कैथल की रहने वाली युवती की शादी साल 2010 में पटियाला में हुई थी, इस शादी से महिला को तीन बच्चे भी हुए, जिनकी उम्र 7 से 9 साल के बीच में है। इसी बीच महिला का पति अचानक गायब हो गया।

इस गैंग में लुटेरी दुल्हन के अलावा उसकी मां निवासी पटियाला, एक अन्य महिला निवासी पावला जिला कैथल (हरियाणा) और गैंग का मुख्य सरगना रणवीर सिंह उर्फ राणा निवासी गांव ढंडरियां शामिल हैं।
 
महिला ने अपने पति की गुमशुदगी के बाद लोगों को लूटने का धंधा शुरु कर दिया। महिला अब तक आठ शादियां कर चुकी है और अब नौवीं शादी की तैयारी थी लेकिन इससे पहले ही पकड़ी गई। 

पटियाला के एसपी सिटी वरुण शर्मा ने बताया कि लुटेरी दुल्हन लग्जरी लाइफ जीना चाहती थी। इसके लिए रुपए कमाने की चाह में उसने अपनी मां व कुछ और रिश्तेदारों व साथियों के साथ मिलकर दूल्हों को लूटने का धंधा शुरू कर दिया।

पुलिस ने पूछताछ की तो उसने बताया कि अब तक वह 8 फर्जी शादियां कर चुकी है। यह शादियां सार्वजनिक नहीं, बल्कि धार्मिक स्थानों पर की, ताकि कोई उसे पहचान न सके। पुलिस ने जब तफ्तीश की तो पता चला कि उसने हरियाणा के कैथल में 3 लोगों को शिकार बनाया है। बाकी लोग पटियाला व आसपास के जिलों से हैं। फिलहाल कैथल के 3 लोग शिकायत कर चुके हैं।

थाना जुल्का प्रभारी प्रदीप सिंह बाजवा के मुताबिक गैंग की नाभा से गिरफ्तार की गई पांचवीं सदस्य भी छह शादियां करा चुकी है और इसके 10 गर्भपात हो चुके हैं। 

पुलिस के मुताबिक लुटेरी दुल्हन हो या गैंग की पांचवीं सदस्य दोनों की ज्यादातर शादियां हरियाणा के ही कैथल, हिसार और भिवानी में हुई हैं। पुलिस के मुताबिक गैंग की कुछ और महिला सदस्य पुलिस के रडार पर हैं। ज्यादातर पीड़ित युवकों से पुलिस ने संपर्क साध कर एड्स की जांच कराने को कहा है।
 

महिला ने अपना पूरा गिरोह बना रखा था जिसमें गिरोह के लोग कुंवारे, विधुर की तलाश करते थे और उसके बाद शादी का झांसा देते थे। रिश्ता तय होने के बाद किसी धार्मिक स्थान पर शादी करवाते थे और महिला सुहागरात भी बनाती थी। 

इसके बाद महिला दो चार दिन रुकने के बाद लड़ाई झगड़ा शुरु कर देती और केस में फंसाने की धमकी देकर पैसे ऐंठती थी। वह घर छोड़ने व पुलिस में केस करने की धमकी देती थी। इसके बाद गिरोह के पुरुष साथी की एंट्री होती, जो खुद को दुल्हन का रिश्तेदार बताता। परिवार के बीच समझौते की बात चलाई जाती।

बदनामी व पुलिस केस में फंसने के डर से लोग रुपए व गहने दे देते थे, जिसे लेकर वह अगले शिकार की तलाश में निकल जाते थे। शादी के वक्त दुल्हन के पहने गहनों के अलावा गिरोह 1 से 3 लाख कैश में समझौता किया जाता था। इसके लिए इन लोगों ने फर्जी आधार कार्ड, वोटर कार्ड व अन्य पहचान पत्र तक बना रखे थे। गिरफ्तारी के बाद इनसे 20 हजार कैश व 12 तोले सोने के गहने भी मिले।

लुटेरी दुल्हन इतनी चालबाज थी कि गिरफ्तार होने के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया तो उसने जज के सामने थाना इंचार्ज पर भी रेप के आरोप लगा दिए। हालांकि महिला को पूरे समय एक एनजीओ के साथ रखा गया था, इस वजह से यह आरोप झूठे साबित हुए। दुल्हन की यह कोशिश पुलिस पर दबाव डालने की थी।