हरियाणा के किसान का कमाल, ऑफ सीजन सब्जियां उगाकर बना मालामाल  

हरियाणा के पानीपत में एक किसान पॉली हाउस के माध्यम से बेमौसमी सब्जियों की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है।
 

हरियाणा के पानीपत में एक किसान पॉली हाउस के माध्यम से बेमौसमी सब्जियों की खेती करके अच्छा मुनाफा कमा रहा है। यहां गांव केवल गढ़ी का किसान विनोद कुमार पॉली हाउस में सब्जियों व फलों की पौध को भी अपनी 80 हजार पौधों की क्षमता वाली नर्सरी में ही तैयार करता है। जिस सब्जी का सीजन शुरू होता है तो उसकी सब्जी करीब एक माह पहले ही मंडी में आ जाती है। 

उसने पॉली हाउस में हरी, लाल व पीली शिमला मिर्च लगाई हुई है और उनका उत्पादन मार्च माह से चल रहा है। जबकि लो टनल पर एक एकड़ में लोहे के पाइप लगाकर व तीन एकड़ में बांस लगाकर करेले की सब्जी लगाई हुई है, इससे सब्जी की पैदावार ज्यादा होती है। विनोद अपने फार्म पर करेला, शिमला मिर्च, फूल गोभी, ब्रोकली, मटर, टमाटर, चपन कद्दू आदि की खेती करता है।

किसान विनोद कुमार ने अपने फार्म पर बनी नर्सरी में सरदा किस्म के खरबूजे और जन्नत किस्म के तरबूज की पौध तैयार करके मार्च माह के पहले सप्ताह में रोपाई कर दी थी। खरबूजे का उत्पादन अब शुरू हो चुका है। जन्नत किस्म के तरबूज का उत्पादन करीब एक सप्ताह बाद शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि जन्नत किस्म का तरबूज सबसे मीठा होता है और इसकी भारी मांग रहती है। 

पानीपत व दिल्ली के कई व्यापारी जन्नत तरबूज को खरीदते हैं और अब से पहले ही कई व्यापारी तरबूज खरीदने को लेकर बात कर चुके है। यह तरबूज दूसरी किस्मों के मुकाबले करीब 25 फीसदी महंगा होता है। सरदा खरबूजा शादियों व पार्टियों में चलता है और इसको आसानी से स्टोर भी किया जा सकता है। विनोद कुमार ने जौरासी फल एवं सब्जी उत्पादन समूह बनाया हुआ है। 


उनके पास मदर डेरी का कलेक्शन सेंटर है और वह अपनी सब्जियों व फलों को मदर डेरी को बेचता है और क्षेत्र के किसान भी इसी सेंटर पर सब्जी बेचते हैं। वह मदर डेरी के अलावा बिग बास्केट व रिलाइंस कंपनियों के सेंटर पर भी सब्जी देता है। यदि इनसे भी अच्छा भाव मिले तो दिल्ली की आजादपुर, ओखला, नांगलोई व केसवपुर मंडी और पानीपत की मंडी में भी सब्जी बेचता है।