उत्तर भारत में हल्की बारिश के बाद बढ़ेगी सर्दी, सम्पूर्ण भारत का नवंबर 21, 2021 का मौसम पूर्वानुमान
 

पिछले 24 घंटों के दौरान राजस्थान के जयपुर अजमेर तथा उत्तर प्रदेश में अलीगढ़, बरेली, हरदोई, लखनऊ, कानपुर, उरई, झांसी तथा वाराणसी में हल्की बारिश की गतिविधियां देखी गई है। एक हल्का पश्चिमी विक्षोभ जम्मू कश्मीर के आसपास था तथा सागर पर बने निम्न दबाव के क्षेत्र से एक निम्न दबाव की रेखा दक्षिण पश्चिमी उत्तर प्रदेश तक आ रही थी।

उत्तर पश्चिम दिशा से हिंदी तथा शुष्क हवाएं दक्षिण पूर्व से आने वाली नम हवाओं से मिल रही थी। उन सभी के मिले-जुले आपसे यह वर्षा की गतिविधियां हुई है। 20 नवंबर की शाम तक इन सभी भागों में छिटपुट वर्षा हो सकती है। हरियाणा के दक्षिणी जिलों सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश संभव है।

21 नवंबर से वर्षा की गतिविधियां समाप्त हो जाएंगी तथा उत्तर पश्चिम दिशा चलने वाली हवाओं की गति में भी वृद्धि होगी। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश सहित उत्तरी राजस्थान में न्यूनतम तापमान में गिरावट दर्ज होनी शुरू हो जाएगी। इस समय दिल्ली में न्यूनतम तापमान सामान्य से 2 डिग्री ऊपर है परंतु अगले 3 या 4 दिनों में यह सामान्य से नीचे हो सकता है।

हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के 1-2 जिलों में उदाहरण के लिए हिसार, चुरू, पिलानी, सीकर तथा नारनौल आदि में शीतलहर भी चल सकती है।

24 अक्टूबर के बाद पहाड़ी राज्यों में एक भी सशक्त पश्चिमी विक्षोभ नहीं आया है जिसके प्रभाव से भारी हिमपात भी नहीं हुआ है। अगले 1 सप्ताह के दौरान हमें उम्मीद नहीं है कि कोई अच्छा पश्चिमी विक्षोभ आए जो तेज हिमपात दे सके इसीलिए उत्तर भारत के तापमान में धीरे-धीरे ही गिरावट होगी।

देश भर में बने मौसमी सिस्टम 

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और उत्तरी तमिलनाडु के हिस्सों पर एक कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। अगले 24 घंटों में यह नगण्य हो जाएगा। संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 5.8 किमी तक फैला हुआ है।

पूर्व मध्य अरब सागर के ऊपर एक गहरा निम्न दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण के साथ है। इसके आज शाम तक उसी क्षेत्र में डिप्रेशन में बदल जाने की उम्मीद है।

एक ट्रफ रेखा पूर्वी मध्य अरब सागर के ऊपर कम दबाव वाले क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से उत्तरी महाराष्ट्र होते हुए मध्य प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों तक फैली हुई है।

एक अन्य ट्रफ रेखा दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और इससे सटे उत्तरी तमिलनाडु पर कम दबाव के क्षेत्र से जुड़े चक्रवाती परिसंचरण से लेकर तटीय आंध्र प्रदेश तक ओडिशा तक फैली हुई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान देश भर में हुई मौसमी हलचल

पिछले 24 घंटों के दौरान, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों, तटीय और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, गुजरात के कुछ हिस्सों और दक्षिण राजस्थान में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर भारी बारिश हुई।
तमिलनाडु और तटीय ओडिशा, रायलसीमा, केरल, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के शेष हिस्सों और सौराष्ट्र और कच्छ के शेष हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हुई।

पूर्वी राजस्थान, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों, विदर्भ, मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई।

अगले 24 घंटों के दौरान मौसम की संभावित गतिविधि

अगले 24 घंटों के दौरान, रायलसीमा, कर्नाटक के कुछ हिस्सों और तमिलनाडु के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ एक दो स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।

केरल, तमिलनाडु के शेष हिस्सों, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, दक्षिण छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, दक्षिण मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश संभव है।

ओडिशा, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों और गुजरात के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश संभव है।

साभार: skymetweather.com