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राजधानी दिल्ली में झमाझम बारिश, हरियाणा में मौसम सुहावना
 

देश के राजधानी दिल्ली में आज सुबह सुबह ही तेज बारिश से हर जगह पानी ही पानी हो गया है वहीं हरियाणा में भी इसका असर देखा जा रहा है। पूरे हरियाणा में आज सुबह से मौसम सुहावना हो गया है।

मौसम विभाग के मुताबिक हरियाणा में एक सिंतबर से लेकर पांच सितंबर तक कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। वहीं इसके बाद मौसम में बदलाव आएगा।

मुंबई की लम्बे समय से गायब बारिश ने एक बार फिर वापसी की है। कल यानि 30 अगस्त को बारिश की कुछ मध्यम गतिविधियां देखी गईं। दरअसल, पिछले 24 घंटों में सोमवार सुबह 8.30 बजे से सांताक्रूज में 49 मिमी अच्छी बारिश दर्ज की गई। ठाणे में भी इसी अवधि के दौरान 42 मिमी बारिश हुई।

वहीं आज भी मुंबई में सुबह से ही भारी बारिश हो रही है और बीच-बीच में बहुत कम ब्रेक भी हो रहे हैं। दरअसल, स्काईमेट के मौसम विज्ञानियों अनुसार, मुंबई में भारी बारिश की यह गतिविधियां दिन भर भारी रहने की संभावना है।

दिल्ली का मौसम पूर्वानुमान
मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों के लिए भी यलो अलर्ट जारी कर रखा है। उधर स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि मध्य प्रदेश के ऊपर अपर साइक्लोनिक सकरुलेशन बनने से मानसून की अक्षीय रेखा सीधे वहीं चली गई। लिहाजा, अगले कई दिन महाराष्ट्र, गुजरात और राजस्थान में अच्छी बारिश होगी। 

पूर्वी हवाओं और नमी के असर से अवश्य ही मंगलवार को दिल्ली में कहीं कहीं तेज बारिश हो सकती है। तीन से छह सितंबर तक मौसम शुष्क हो जाएगा। छह के बाद एक बार दोबारा बारिश की संभावना बनेगी।

हरियाणा का मौसम पूर्वानुमान
मानसून की टर्फ रेखा का पश्चिमी छोर 23 अगस्त से हिमालय की तलहटियों की तरफ बढ़ने के कारण राज्य में मानसूनी हवा फिर से कमजोर हो जाने से मानसून ब्रेक की स्थिति बनी हुई है। जिससे हरियाणा राज्य में मौसम आमतौर पर परिवर्तनशील व खुश्क बना हुआ है। 

मगर बंगाल की खाड़ी में बने एक कम दबाब के क्षेत्र व साथ में साइक्लोनिक सर्कुलेशन बनने से अगले मानसून टर्फ दक्षिण की और नीचे की तरफ आने की संभावना बन रही है। जिससे हरियाणा में रविवार देर रात्रि से मौसम में बदलाव व पांच सितम्बर तक बीच-बीच में राज्य के उत्तर व दक्षिण क्षेत्र के जिलों में ज्यादातर स्थानों पर हवा व गरजचमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।


भारत की व्यावसायिक राजधानी में 100 मिमी से अधिक बारिश की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है। इस दौरान यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि कुछ हिस्सों में जलभराव के कारण यातायात बाधित हो सकता है।

स्काइमेट के मौसम विज्ञानियों के अनुसार, निम्न दबाव का क्षेत्र इस समय उत्तर पश्चिमी मध्य महाराष्ट्र और इससे सटे पश्चिमी विदर्भ क्षेत्र पर बना हुआ है। इस मौसमी सिस्टम ने कोंकण क्षेत्र में मानसून को सक्रिय कर दिया है जिसके परिणामस्वरूप मुंबई और आसपास के क्षेत्रों में और अधिक बारिश होगी।

हालाँकि, कल यानि 1 सितम्बर को मुंबई में बारिश थोड़ी कम होने और 2 सितंबर को इसकी तीव्रता में और कमी होने की उम्मीद है। हालांकि, पूरे सप्ताह मौसम शुष्क रहने की उम्मीद नहीं है और निम्न दबाव के क्षेत्र और मानसून की सक्रियता के कारण कुछ वर्षा की गतिविधि देखी जाएगी। READ THIS – सरकारी प्राइवेट और डीसी रेट नौकरियां आपके घर के पास-  CLICK HERE