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किसानों को केंद्र सरकार की सौगात, गेंहू, सरसों और मसूर के MSP में की बढ़ोत्तरी, देखिये
 

केंद्र सरकार ने रबी सीजन के लिए गेहूं की MSP में 40 रुपए की बढ़ोतरी की है। नई कीमत अब 1975 रुपए से बढ़कर 2015 रुपए प्रति क्विंटल हो गयी है। सरसों और मसूर की एमएसपी में 400-400 रुपए की बढ़ोतरी हुई है।

केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने मार्केटिंग सीजन 2022-23 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) को तय कर दिया है। बुधवार को केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी मिलने के बाद फसलों के नए रेट्स जारी कर दिए गए। चौपाल टीवी रिपोर्ट के मुताबिक

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इसके मुताबिक, गेहूं की एमएसपी में 40, चना की एमएसपी में 130 और सरसों की एमएसपी में सबसे अधिक 400 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।

केंद्र सरकार ने रबी फसलों की एमएसपी में उस वक्त बढ़ोतरी की घोषणा की है, जब देश के किसान तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ बीते कई महीनों से आंदोलन कर रहे हैं। 

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किसान संगठनों की मांग की है कि सरकार तीनों नए कृषि कानून को वापस ले, साथ ही वे न्यूनतम समर्थन मूल्य पर गारंटी चाहते हैं जबकि सरकार साफ कर चुकी है कि एमएसपी को खत्म नहीं किया जाएगा और आज एक बार फिर रबी फसलों की एमएसपी में बढ़ोतरी की घोषणा हो चुकी है।

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केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और अनुराग ठाकुर ने रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि की जानकारी दी। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि गेहूं के समर्थन मूल्य में 40, जौ की एमएसपी में 35, चना में 130, मसूर व सरसों में 400 और सूर्यमुखी के न्यूनतम समर्थन मूल्य में 114 रुपए की बढ़ोतरी की गई है।

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने विपणन सीजन 2022-23 के लिए सभी रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में वृद्धि करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का आभार व्यक्त किया है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में आज नई दिल्ली में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति की आयोजित बैठक में वर्ष 2022-23 के लिए रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्यों की वृद्धि को स्वीकृति प्रदान की गई।

आज यहां जारी एक ब्यान में मुख्यमंत्री ने इस फैसले का स्वागत किया और कहा कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुणी करने की दिशा में यह किसान-मैत्री का एक ठोस कदम है, जिससे किसानों को निश्चित रूप से उत्पादन लागत पर अधिक लाभ के साथ अतिरिक्त आय होगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय किसानों की आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने के लिए वरदान सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार किसान हितों के प्रति गंभीर है और किसानों की आर्थिक उन्नति के लिए लगातार कार्य करते हुए हरसंभव कदम उठा रही है। प्रत्येक वर्ष बुआई से पहले फसलों के एमएसपी में बढ़ोतरी की जाती है ताकि किसान यह निर्णय ले सके कि उसे किस फसल की बुआई करनी है जिससे उसको अधिक आय अर्जित हो सके।

मनोहर लाल ने कहा कि गेहूं की एमएसपी में 40 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 2015 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है। इसी प्रकार, जौ की एमएसपी में 35 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 1635 रुपये प्रति क्विंटल, चने की एमएसपी में 130 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5230 रुपये प्रति क्विंटल, मसूर की एमएसपी में 400 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5500 रुपये प्रति क्विंटल, कैनोला एवं सरसों की एमएसपी में 400 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5050 रुपये प्रति क्विंटल तथा कुसुम के फूल की एमएसपी में 114 रुपये प्रति क्विंटल की वृद्धि के साथ नई कीमत अब 5441 रुपये प्रति क्विंटल हो गई है।

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