Wheat Price Down: बड़ी खबर, अगले 10 दिन में कम हो सकती है गेहूं की कीमत! सरकार ने दी जानकारी

Wheat Price Down Latest News: बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों को राहत मिल सकती है. गेहूं की कीमत में अगले 10 दिन में बड़ी गिरावट देखने को मिल सकती है. सरकार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि देश में गेहूं का पूरा स्टॉक है.

 

Wheat Price Down: बढ़ती महंगाई के बीच आम लोगों के लिए एक अच्छी खबर है. आने वाले 10 दिन में गेहूं सस्ता हो सकता है. दरअसल, सरकार ने गेहूं के स्टॉक और उसकी कीमत को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने पीडीएस में खाद्यान्न आवंटन का नया आदेश जारी किया है. सरकार ने इसकी जानकारी दी है. 

सरकार ने पीडीएस में खाद्यान्न आवंटन को लेकर नया आदेश जारी किया है, जिसके तहत जिन क्षेत्रों में गेहूं का स्टॉक अधिक था, उसे रोक कर अब वहां चावल की सप्लाई बढ़ाई जाएगी. इससे सरकार गेहूं के स्टॉक को बैलेंस करने की कोशिश कर रही है. 

सस्ता होगा गेहूं और खाने का तेल
सुधांशु पांडेय (खाद्य सचिव) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कि एक हफ्ते में गेहूं के दाम कम होने लगेंगे. गेहूं सस्ता होने से आटा की कीमत में भी गिरावट आएगी. सुधांशु पांडे ने यह भी बताया कि देश में गेहूं के स्टॉक को मेंटेन रखने के लिए गेहूं निर्यात का आदेश जारी किया गया है और किसी भी सूरत में गेहूं का स्टॉक कम नहीं होगा.

सुधांशु पांडे ने यह जानकारी दी है कि खाने का तेल सस्ता होने लगा है. जल्दी ही इंडोनेशिया इसका रिव्यू करेगा जिसके बाद, तेल के दाम में और गिरावट आएगी. दरअसल, इंडोनेशिया में विश्व में सबसे ज्यादा पाम ऑयल होता है. लेकिन इस समय इंडोनेशिया ने ऑयल निर्यात रोक दिया है. हालांकि इंडोनेशिया इतना ज्यादा पाम ऑयल खपत करने में असमर्थ है, ऐसे में निश्चित ही वह पाम ऑयल का निर्यात करेगा. 

इन परिस्थितियों में हो सकता है निर्यात
बीवीआर सुब्रमण्यम (BVR Subhramanyam, Commerce Secy) ने कहा कि देश में घरेलू खपत के हिसाब से गेहूं का पूरा स्टॉक है. रूस-यूक्रेन युद्ध का सर दुनिया भर में है. पड़ोसी देशों और जरूरतमंद देशों के आग्रह पर गेहूं का निर्यात किया जा सकता है. दरअसल, कुछ देशों में होर्डिंग हो रही थी, इसलिए थोड़े समय के लिए इस आदेश को जारी किया गया है. 

बीवीआर सुब्रमण्यम ने यह भी कहा कि हमारी प्राथमिकता देश की खाद्य सुरक्षा है, कृषि मंत्रालय के तीसरे अनुमान आने पर उस समय की स्थिति देख बैन समीक्षा की जा सकती है, सरकार का आदेश स्थायी नहीं है, यह मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए जारी किया गया है.