Haryana Weather Alert: चक्रवाती तूफान आसनी का हरियाणा में दिखेगा असर, देखिये मौसम विभाग की रिपोर्ट

मौसम पूर्वानुमान: हरियाणा राज्य में 14 मई तक मौसम आमतौर पर गर्म व खुश्क संभावित। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी तथा रात्रि तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है। तापमान में बढ़ोतरी से वातावरण में असिथरता बनने से बीच बीच में हल्के बादल व धूलभरी पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है।  

 

मौसम पूर्वानुमान :-कृषि मौसम विज्ञान विभाग चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार 
10 मई,2022 :
मौसम पूर्वानुमान: हरियाणा राज्य में 14 मई तक मौसम आमतौर पर गर्म व खुश्क संभावित। इस दौरान दिन के तापमान में बढ़ोतरी तथा रात्रि तापमान में हल्की गिरावट होने की संभावना है। तापमान में बढ़ोतरी से वातावरण में असिथरता बनने से बीच बीच में हल्के बादल व धूलभरी पश्चिमी हवाएं चलने की संभावना है।  

डॉ मदन खीचड़ विभागाध्यक्ष
कृषि मौसम विज्ञान विभाग
चौधरी चरणसिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय हिसार

11 मई की रात तक एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालय पहुंच जाएगा, लेकिन इसका मैदानी क्षेत्रों में असर नहीं होगा। विक्षोभ की सक्रियता कम होने के कारण इसका असर दिखाई नहीं देगा। इसके अलावा कोई अन्य मौसमी घटना मई माह में दिखाई नहीं दे रही है, जो लोगों को आंशिक राहत भी प्रदान करे। इसलिए संभव है कि मई की रिकार्ड तोड़ गर्मी लोगों को परेशान करेगी। झुलसा देने वाली गर्मी व लू के थपेड़े लोगों को बेहाल करेंगे।
 


देशभर में यह बना हुआ है मौसमी सिस्टम 
मौसम विभाग के मुताबिक इस समय दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना गहरा दबाव पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ गया है और तेज होकर चक्रवात आसनी में बदल गया है। यह उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा और एक गंभीर चक्रवात में बदल सकता है। यह 10 मई की शाम तक उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ना जारी रखेगा और पश्चिम मध्य और उससे सटे उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा तट के पास बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी तक पहुंच जाएगा। इसके बाद, इसके उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी की ओर मुड़ने की उम्मीद है।

चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है

विदर्भ और आसपास के इलाकों में एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। विदर्भ पर बने चक्रवाती परिसंचरण से एक टर्फ रेखा मराठवाड़ा और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक होते हुए दक्षिण आंतरिक कर्नाटक तक फैली हुई है। एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बांग्लादेश के पूर्वोत्तर और आसपास के क्षेत्रों में बना हुआ है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ 11 मई की रात तक पश्चिमी हिमालय तक पहुंच सकता है।