Cyclone Asani: IMD ने आंध्र प्रदेश के तट के लिए जारी किया रेड अलर्ट, चक्रवात तूफान असानी ने बदला अपना रास्ता

Cyclone Asani के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बुधवार सुबह तक काकीनाडा-विशाखापत्तनम तट के पास पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है

 

Cyclone Asani Updates: गंभीर चक्रवात असानी (Cyclone Asani) ने अपना ट्रैक काफी हद तक बदल लिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को कहा कि इसके काकीनाडा और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट को छूने की संभावना है। साथ ही IMD ने आंध्र प्रदेश तट के लिए एक 'रेड अलर्ट' जारी किया है। इसका मतलब है कि स्थानीय अधिकारियों को चक्रवात से जुड़ी आपदाओं को रोकने के लिए कार्रवाई करने की जरूरत है।

असानी के उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और बुधवार सुबह तक काकीनाडा-विशाखापत्तनम तट के पास पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने की संभावना है। इसके बाद, IMD ने कहा, असानी धीरे-धीरे उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ रहा है। इसके बाद ये काकीनाडा और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश तट के साथ आगे बढ़ेगा और फिर उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा तटों से बंगाल की उत्तर-पश्चिमी खाड़ी में उभरने की संभावना है।

असानी के बुधवार की सुबह तक धीरे-धीरे एक चक्रवात में और 12 मई की सुबह तक एक अवसाद में कमजोर होने की संभावना है। इसके कमजोर होने से पहले, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर भारी बारिश और बहुत तेज हवाएं चलने का अनुमान है।

मंगलवार दोपहर को आसनी काकीनाडा (आंध्र प्रदेश) से लगभग 210 KM दक्षिण-दक्षिण पूर्व में, विशाखापत्तनम (आंध्र प्रदेश) से 310 KM दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, गोपालपुर (ओडिशा) से 530 KM दक्षिण-पश्चिम और पुरी (ओडिशा) से 630 KM दक्षिण-पश्चिम में केंद्रित था।

मौसम ब्यूरो के चक्रवात निगरानी विभाग के प्रभारी आनंद कुमार दास ने कहा, "जैसा कि आप देख सकते हैं कि ट्रैक अब बदल गया है। असानी काकीनाडा और विशाखापत्तनम के बीच आंध्र प्रदेश के तट को छूएगा और आगे बढ़ेगा।"

उन्होंने आगे कहा, "अब हम उम्मीद कर रहे हैं कि बुधवार की सुबह असानी तट को छू लेगा। शायद इसका असर बहुत गंभीर न हो है, लेकिन फिर भी लोगों को तैयार रहने की जरूरत है।"

दास ने कहा, "सिस्टम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा था, लेकिन इसके कमजोर होने की आशंका जताई जा रही थी। मगर पिछले कई घंटों के दौरान, इसका आकार छोटा हो गया, जिससे असानी को अपनी ऊर्जा और तीव्रता बनाए रखने में मदद मिली। आगे चल कर ऐसा अनुमान होने लगा था कि अब कुछ भी हो सकता है। अब आंध्र प्रदेश तट के लिए रेड वार्निंग जारी की गई है।"

IMD ने चेतावनी दी है कि खगोलीय ज्वार से लगभग 0.5 मीटर की ऊंचाई के तूफान के बढ़ने से कृष्णा, पूर्वी और पश्चिम गोदावरी और विशाखापत्तनम जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ आने की संभावना है।

10 मई की रात से तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कई स्थानों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है।

बुधवार को ज्यादातर जगहों पर मध्यम बारिश, कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश और तटीय आंध्र प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर बहुत ज्यादा भारी बारिश (20 cm से ज्यादा) की संभावना है। इसके अलावा अलग-अलग जगहों पर तटीय ओडिशा और इससे सटे तटीय पश्चिम बंगाल में भारी बारिश की संभावना है।

गुरुवार को ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश के साथ कुछ जगहों पर मध्यम बारिश होने की संभावना है।