Cyclone Asani : इन क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान, उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ सकता है साइक्लोन, 5 अपडेट

मौसम विभाग के मुताबिक, मछुआरों को 9-10 मई को बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों और 10-12 मई को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्री क्षेत्रों में भीतर तक नहीं जानने की सलाह दे दी गई है

 

Cyclone Asani : साइक्लोन ‘असानी’ के मंगलवार की रात तक उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ने की संभावना है। यह पश्चिम मध्यम और बंगाल की खाड़ी में उत्तर-पश्चिम से सटे उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों तक पहुंच सकता है। भुवनेश्वर (ओडिशा) स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने रविवार को यह जानकारी दी है।

मौसम विभाग ने कहा कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना साइक्लोन असानी रविवार की शाम को भीषण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो गया। साथ ही उत्तरी आंध्र प्रदेश-ओडिशा के तटों की ओर उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ गया।

साइक्लोन असानी से जुड़े 5 अपडेट...

1. मौसम विज्ञान केंद्र ने कहा, ओडिशा के तटीय जिलों में कई स्थानों पर मंगलवाल की शाम से हल्की से मध्यम बारिश होने की खासी संभावनाएं हैं और गजपति, गंजम और पुरी जिलों में एक या दो स्थानों पर भारी बारिश (7-11 सेमी) बारिश होने की खासी ज्यादा संभावनाएं हैं।

2. मौसम विभाग के मुताबिक, मछुआरों को 9-10 मई को बंगाल की खाड़ी के मध्य हिस्सों और 10-12 मई को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में समुद्री क्षेत्रों में भीतर तक नहीं जानने की सलाह दे दी गई है।

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3. समुद्र में जा चुके मछुआरों को 10 मई की सुबह तक तटों पर लौटने की सलाह दी गई है। साइक्लोन असानी को श्रीलंका ने यह नाम दिया था, जिसका मतलब है-सिंहलियों में ‘गुस्सा’।

4. आईएमडी ने रविवार की सुबह कहा था कि साइक्लोन ‘असानी’ अगले 24 घंटों में भीषण चक्रवात का रूप ले सकता है।

5. आईएमडी ने पश्चिम बंगाल, ओडिशा और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश की भविष्यवाणी की है। पश्चिम बंगाल के ईस्ट मिदनापुर जिले के किसानों ने साइक्लोन के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं।

फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं किसान
पिछले दो चक्रवात में किसानों को खासा नुकसान उठाना पड़ा था। आईएमडी के मुताबिक, कोलकाता और दक्षिण बंगाल में 10 और 13 मई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है। इससे पहले किसान खेतों में खड़ी अपनी फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह धान की फसल का मौसम है। इसलिए ज्यादातर किसानों ने अपनी फसल की कटाई कर दी है और खेत से फसलों का उठान कर लिया है। हालांकि कई किसान ऐसे हैं जिनकी फसल अभी तक खेत में पड़ी है और वे उसे बचाने की कोशिश कर रहे हैं।